Women Empowerment Essay In Hindi – महिला सशक्तिकरण पर निबंध

1
94
Women Empowerment Essay In Hindi

Women Empowerment Essay In Hindi – महिला सशक्तिकरण पर निबंध

हमारे देश में महिलाएं देश की जनसंख्या का लगभग आधा हिस्सा है। इसलिए राष्ट्र निर्माण के कार्य में महिलाओं का योगदान सर्वाधिक रहा है।

महिला सशक्तिकरण क्या है? What is women empowerment?

अक्सर प्रश्न उठता है कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ क्या है? इस प्रश्न की परख इस बात से की जानी चाहिए कि क्या नारी भयमुक्त होकर सम्मान खोए बिना, जिस लक्ष्य को पाना चाहती है, उसके लिए प्रयास कर सकती है या नहीं। यही सबलता और सुयोग्यता महिला सशक्ति की असल पहचान है। महिला सशक्तिकरण आंदोलन बीसवीं शताब्दी के आखिरी दशक का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक विकास कहा जा सकता है।

महिलाओं का विकास – Development Of Women

Women Empowerment Essay In Hindi

स्वतंत्रता के बाद से ही महिलाओं का विकास हमारी आयोजना का केंद्रीय विषय रहा है, परंतु पिछले 20 वर्षों में कई नीतिगत बदलाव आए हैं। 1970 के एक दशक में जहां महिलाओं के ‘कल्याण’ की अवधारणा अपनाई गई वहीं 1980 के दशक में महिलाओं के विकास पर जोर दिया गया। 1990 के दशक में महिला अधिकारिता यानी सशक्तिकरण पर जोर देने के साथ ही यहां प्रयास भी किया गया कि महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल हो और नीति निर्माण के स्तर पर भी उनकी सहभागिता रहे।
महिला सशक्तिकरण का अर्थ ऐसी प्रक्रिया से है, जिसमें महिलाओं कि अपने आपको संगठित करने की क्षमता बड़े।

महिला सशक्तिकरण का अर्थ क्या है? What is the meaning of women empowerment?

महिला सशक्तिकरण का अर्थ यह भी है कि महिलाएं सामाजिक आंदोलन में भाग ले सकें और उनका नेतृत्व कर सके तथा अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रगति के मार्ग में आने वाली बाधाओं को हटा सके। महिलाओं की उन्नति, विकास और शक्ति इस आंदोलन का प्रमुख लक्ष्य है। महिला सशक्तिकरण आंदोलन को सफल बनाने के लिए सरकार ने अनेक संवैधानिक सुरक्षाओं के साथ-साथ नई नीतियों को भी अपनाया है।

महिला विकास विभाग – Women Development Department

1985 में मानव संसाधन और विकास मंत्रालय के बीच गठित ‘महिला और बाल विकास विभाग’ का उल्लेख प्रमुख है। यहां विभाग नोडल संगठन के रूप में अपनी भूमिका के अंतर्गत योजनाएं, नीतियां और कार्यक्रम तैयार करता है। यहां कानून बनाने और इसमें संशोधन करने के साथ-साथ देश में महिलाओं और बच्चों की स्थिति में सुधार के लिए कार्य कर रहे सरकारी व गैर सरकारी संगठनों के प्रयासों में सुधार करता है। इसी क्रम में 1990 में राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम के अनुपालन में 31 जनवरी 1992 को राष्ट्रीय महिला आयोग का गठन किया गया था।

महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य – Women Empowerment Goal

महिला सशक्तिकरण नीति का लक्ष्य महिलाओं की उन्नति, विकास तथा शक्ति संपन्नता है। राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण नीति को केंद्र सरकार ने 21 मार्च 2001 को मंजूरी प्रदान की थी। तथा इसके महत्वपूर्ण बिंदु निम्न है?1. महिलाओं के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है कि वे यहां महसूस कर सके कि वह आर्थिक व सामाजिक नीतियां बनाने में शामिल हो।2. मानव अधिकारों का उपयोग करना और पुरुषों के साथ सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, और नागरिक आदि क्षेत्रों में आधारभूत स्वतंत्रता की समान रूप से भागीदारी सुनिश्चित करना।3. महिलाओं को देश के सामाजिक, राजनीतिक, एवं आर्थिक जीवन में बराबर की भागीदारी बनाना।4. महिलाओं की शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य, रोजगार, एवं सामाजिक सुरक्षा में सहभागिता सुनिश्चित करना।5. महिलाओं के प्रति किसी भी तरह के भेदभाव को दूर करने के लिए कानून प्रणाली एवं सामुदायिक प्रक्रिया विकसित करना।6. समाज मैं महिलाओं के प्रति व्यवहार में बदलाव लाने के लिए महिलाओं और पुरुषों को समाज में बराबर भागीदारी निभाने को बढ़ावा देना।7. महिला और बालिका अपराध के किसी भी रूप में व्याप्त असमानता को दूर रखना

निष्कर्षत:

महिलाओं के अधिकारों को मानवाधिकारी के रूप में अंतरराष्ट्रीय मान्यता दी गई है, अतः आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण आंदोलन और भी गति प्राप्त करेगा, परंतु इस संदर्भ में सतर्क करने की आजीवन सम्मत एवं पुरुष के सामाजिक परंपरा को देखते हुए यहां कहा जा सकता है कि सशक्तिकरण आंदोलन का सुदृढ़ हो ना यहां सुनिश्चित है जो कि राष्ट्रीय जीवन में भावी निर्धारण में महत्वपूर्ण योगदान होगा।भारत के सविधान में 73 वा और 74वां संशोधन 1993 महिलाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करने और राजनीतिक शक्ति संरचना में अधिक भागीदारी प्रदान करने की दिशा में एक उपलब्धि है। राष्ट्रीय महिला शक्ति संपन्नता नीति को बुनियादी स्तर पर निष्पाद कार्य करने में पंचायती राज संस्थाओं, तथा स्थानीय स्वशासन का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके अतिरिक्त शिक्षा प्रशिक्षण और अनुशासन में संबंधित संगठन, गैर सरकारी संगठनों के साथ-साथ महिला शक्ति संपन्नता के लिए अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रीय ग्राम प्रधान का विचार है औद्योगिक मिनिमम संस्थाएं तथा संगठनों के साथ नेटवर्किंग के जरिए तथा द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय भागीदारी का भी सहारा लिया जा सकता है।FAQ-महिला सशक्तिकरण आंदोलन से जुड़े सवाल?
Questions related to women empowerment movement?प्रशन: राष्ट्रीय महिला आयोग का गठन कब किया गया था?
उत्तर: राष्ट्रीय महिला आयोग का गठन 31 जनवरी 1992 को किया गया था।प्रशन: राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण नीति को कब व किसने मंजूरी दी थी?
उत्तर: राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण नीति को केंद्र सरकार ने 21 मार्च 2001 को मंजूरी प्रदान की थी।प्रशन: मानव संसाधन और विकास मंत्रालय के बीच किस वर्ष महिला और बाल विकास विभाग का उल्लेख किया गया था?
उत्तर: मानव संसाधन और विकास मंत्रालय के बीच 1985 में महिला और बाल विकास विभाग का उल्लेख किया गया था।प्रशन: महिला सशक्तिकरण का अर्थ क्या है?
उत्तर: महिला सशक्तिकरण का अर्थ है कि महिलाएं सामाजिक आंदोलन में भाग ले सकें, व अपना नेतृत्व खुद कर सके, ओर अपने मार्ग में आने वाली कठिनाइयों से खुद लड़ सके।और पढ़ें-

Women Empowerment Essay In Hindi

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here