P.V. Sindhu पर निबंध – Essay On P.V. Sindhu In Hindi

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( Essay On P.V. Sindhu In Hindi ) पी.वी सिंधु पर निबंध 

हमारी देश की सबसे होनहार बेटियों में से एक पी वी सिंधु (P.V. Sindhu) , जिन्होंने विश्व स्तर पर हमारे देश का नाम उचा किया, और ये हर एक महिला के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत है, इन्होने साबित किया है की हमारे देश की बेटियां किसी से कम नहीं है।

अक्सर परीक्षा में पी वी सिंधु पर निबंध पूछे जाते है, तो आज हम आपके लिए P.V. SINDHU पर निबंध लेकर आये है, जो आपको परीक्षा में अधिकतम अंक प्राप्त करने में मदद करने वाला है।

Essay On P.V. Sindhu – पी.वी सिंधु पर निबंध

पी.वी. सिंधु(पुसरला वेंकट सिंधु) की सफलता के बिंद

  • भूमिका:-

बैडमिंटन में भारत को ओलंपिक में रजत पदक दिलाने वाली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु पर आज पूरा भारत देश को गर्व करता है। ‘जीवन के प्रत्येक कार्य को खेल मानकर हार-जीत की चिंता किए बिना महज खेलते जाने में ही नश्वर जीवन की सार्थकता है’ इस उक्ति को पी.वी. सिंधु अपने खेलवा चरित्र से पूर्णत: सिद्ध करती है।

  • अभ्यास और परिश्रम:-

पी.वी. सिंधु वर्तमान में बैडमिंटन खेल जगत का एक चमकता सितारा है, जिसे आज किसी पहचान की आवश्यकता नहीं है। आज संपूर्ण विश्व उन्हें उनके अद्वितीय खेल, कौशल और जुझारू व्यक्तित्व के लिए जानता है। पी.वी. सिंधु का जन्म एक तेलुगु परिवार में हुआ था। उनके पिता पी. वी. रमन और माता पी. विजया दोनों वॉलीबॉल के खिलाड़ी थे, किंतु पी.वी. सिंधु पुल्लेला गोपीचंद से प्रभावित होकर महज 8 वर्ष की आयु में ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था।

सिंधु ने महबूब अली के निरीक्षण में भारतीय रेलवे के परीक्षण केंद्र में इस खेल की मूलभूत जानकारियां हासिल की और उसके पश्चात वे अपने घर से 56 किलोमीटर दूर पुल्लेला गोपीचंद की बैडमिंटन अकैडमी में शामिल हो गई। वहां पहुंचने के लिए उन्हें अपने घर से सुबह 4:00 बजे निकलना पड़ता था, तब जाकर वहां समय पर अपनी मंजिल तक पहुंच अतीत और पी. गोपीचंद के मार्गदर्शन में खूब मेहनत करती थी। उनका घर, एकेडमी से 56 किलोमीटर दूर होने के बावजूद भी वहां समय पर एकेडमी पहुंच जाया करती थी, जिससे उनके खेल के प्रति उनका समर्पण पता चलता था।

  • जुझारूपन और आत्मविश्वास:-

सिंधु की लगातार जी-तोड़ मेहनत करने और खेल की बारीकियां को हो जल्दी सीखने के कारण वहां मजबूत खिलाड़ी बन गई, और छोटी सी उम्र में उन्होंने पदको का अंबार लगा दिया। उन्होंने ऑल इंडिया रैंकिंग चैंपियनशिप के 10, 13, व 14 आयु वर्ग की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता को जीत कर अपनी जीत का परचम लहराया।

वर्ष 2009 में उन्होंने सब-जूनियर एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप कांस्य (bronze) पदक जीतकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक गीता और वर्ष 2012 के ओलंपिक विजेता ली जुरई को चाइना मास्टर्स सुपर सीरीज में हराकर विश्व में तहलका मचा दिया। निरंतर नई ऊंचाइयों को छूती पी. वी. सिंधु को अपने इस खेल करियर में चोटों के कारण कई प्रतियोगिताओं में हार का सामना भी करना पड़ा।

इसके उपरांत भी उन्होंने हार नहीं मानी और वापसी करते हुए सैय्यद मोदी ट्राफी, मलेशिया ओपेन, राष्ट्रमंडल खेल आदि विश्वस्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर विश्व के शीर्षस्थ खिलाड़ियों को पराजित किया। उनके इस जुझारू व्यक्तित्व को केंद्र में रखते हुए उनके कोच पी. गोपीचंद ने कहा “सिंधु के व्यक्तित्व की सबसे खास बात यह है कि वह कभी भी हार नहीं मानती और कोशिश करती रहती है।”

  • धैर्य और जीत का सेहरा:-

सिंधु के जुझारू व्यक्तित्व को लगातार विभिन्न प्रतिस्पर्धा में मिली जीत से उत्पन्न आत्मविश्वास व धैर्य का ही परिणाम था कि वह ओलंपिक में भारत के लिए बैडमिंटन की महिला एकल प्रतिस्पर्धा में रजत(silver) पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी। जहां उन्हें विश्व की नं 1 स्पेनिश खिलाड़ी कैरोलिना मरीन के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

  • उपसंहार:-

किसी व्यक्ति को उसकी सफलता नहीं, बल्की विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए सफलता को प्राप्त करने की क्षमता श्रेष्ठ बनाती है। इस उक्ति को पी. वी. सिंधू को अपने खेल के प्रति समर्पण, धैर्य, निष्ठा, आत्मविश्वास व हार ना मानने के जज्बे से पूर्णत: सार्थक सिद्ध करती है। उनका यही गुण उनके श्रेष्ठ खिलाड़ी होने का परिचय देता है।

P.V. Sindhu जैसी होनहार बेटियों से हम सभी लोगों की प्रेरणा लेनी चाहिए, और हमारे देश के लिए निरंतर कुछ न कुछ करना चाहिए।

FAQ (पी वी सिंधु के बारे में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल )

प्रश्न: बैडमिंटन में भारत को ओलंपिक में पदक दिलाने वाली पहली महिला कोन है?
उत्तर: बैडमिंटन में भारत को ओलंपिक में पदक दिलाने वाली पहली महिला पी.वी. सिंधु हैं

प्रश्न: पी.वी.सिंधु का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: पी.वी.सिंधु का पूरा नाम पुसर्ला वेंकट सिंधु है।

प्रश्न: पी.वी.सिंधु के पिता का क्या नाम है?
उत्तर: पी.वी.सिंधु के पिता नाम पी.वी.रमन सिंधु है।

प्रश्न: पी.वी.सिंधु की माता का क्या नाम है?
उत्तर: पी.वी.सिंधु की माता का नाम पी. विजया सिंधु है।

प्रश्न: पी.वी.सिंधु का जन्म कब हुआ था?
उत्तर: पी.वी.सिंधु का जन्म 5 जुलाई 1995 को हुआ था।

प्रश्न: पी.वी.सिंधु का जन्म कहा हुआ था?
उत्तर: पी.वी.सिंधु का जन्म हैदराबाद, आंध्रप्रदेश में हुआ था।

प्रश्न: पी.वी.सिंधु की उम्र कितनी है
उत्तर: पी.वी.सिंधु की उम्र 26 वर्ष (2021 में) है।

प्रश्न: पी.वी.सिंधु के पति का क्या नाम है?
उत्तर: पी.वी.सिंधु ने अभी तक शादी नहीं की है

तो यह था P.V Sindhu पर निबंध आशा करते है, आपको यह पसंद आया होगा।

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