Positive Thinking In Hindi – सकारात्मक सोच क्या है ?

Positive thinking (सकारात्मक सोच) अगर एक इंसान को सफलता प्राप्त करनी है, तो Hard Work तो उसे करना ही होगा, पर क्या आप जानते आपकी सफलता आपकी सोच भी तय करती है, की आप किस तरह से सोचते हो।

एक सफल ओर एक असफल व्यक्ति में सिर्फ सोच (Thinking) का ही अंतर होता है, एक सफल व्यक्ति सकारात्मक(Positive) होता है, ओर एक असफल व्यक्ति हमेशा नकारात्मक(Negative) होता है।

हर व्यक्ति जन्म से ही नकारात्मक नहीं होता, पर कुछ हालत उसे ऐसा बनने पर मजबूर कर देते है।

पर अगर आप चाहो तो आपकी सोच को बदल भी सकते हो, यह आपके ऊपर निर्भर करता है।

और आज हम आपको Positive Thinking ( सकारात्मक सोच ) के बारे में बताने वाले है, की कैसे आप एक सकारात्मक व्यक्ति बन सकते हो।

और यकीन मनिए इसे पढ़ने के बाद कुछ हो ना हो पर आपकी सोच तो बदलने पर मजबूर जरूर हो जाएगी।

और कई सारे लोगों को सिर्फ अपनी सोच को बदलने से कई फायदे हुए है ओर यकीन मनिए, आज उनकी जिंदगी पूरी तरह से बदल चुकी है।

Positive Thinking In Hindi – सकारात्मक सोच

तो चलिए Basic से शुरुआत करते है, की सोच क्या है, ओर ये इतनी जरूरी क्यों है, ओर Positive thinking क्या है, ओर इसके फायदे क्या है।

Thinking Kya Hai – सोच क्या है

अब आप सभी लोग Thinking (सोच) के बारे में तो जानते ही हो, मतलब किसी चीज के बारे में अपने दिमाग में सोचना,

सोच भी 2 तरह की होती है, एक सकारात्मक और दूसरी नकारात्मक

Positive Thinking Kya hai – सकारात्मक सोच क्या है ?

Positive thinking मतलब किसी चीज के बारे सकारात्मक (Positive) तरीके से सोचना ।

जैसे कि अगर आप Business कर रहे हो तो, आपको हमेशा यह सोचना चाहिए, की में अगर ऐसे ही मेहनत करता रहा तो एक दिन में एक सफल व्यक्ति जरूर बनूंगा ओर लोगों के लिए मिसाल बन जाऊंगा।

ना कि आप ऐसा सोचिए की में तो कुछ कर ही नहीं सकता, मेरी किस्मत ही खराब है। कभी भी अपने आप को मत कोसिए। वक्त का इंतज़ार करिए वक्त जरूर बदलेगा।

Positive Thinking Jaruri Kyu Hai – सकारात्मक सोच जरुरी क्यों है ?

अब सकारात्मक सोच ( positive thinking ) इतनी ज्यादा जरूरी क्यों है, जिस तरह के विचार आपके दिमाग में आते है, उस तरह की ही आपकी mentality बन जाती है, ओर आप उस तरह से ही सोचने, समझने और करने लग जाते है ।

आपके दिमाग में जो विचार आते है ( thoughts ) वो ही आपके results को तय करते है।

आपका दिमाग एक बगीचा है, ओर इसमें आप जितने अच्छे बीज उगाओगे, उतना अच्छा ही आपका बगीचा आगे जा कर हो जाएगा, अब ये आपको तय करना है, की आप किस तरह के बीज उगा रहे हो।

इसलिए अपने दिमाग में सिर्फ अच्छे विचारों को ही जाने दीजिये ।

Positive Thinking Ke fayde – सकारात्मक सोच के फायदे।

Positive thinking (सकारात्मक सोच) के कई सारे फायदे है, जैसे कि –

  • आप कठिन परिस्थितियों में सही फैसले ले सकोगे।
  • आप और creative बन जाओगे।
  • आपका stress कम हो जाएगा।
  • आप बड़ी से बड़ी समस्या को आसानी से सुलझा सकोगे।
  • आपको कभी भी depression का सामना नहीं करना पड़ेगा।
  • आपका Mood हमेशा Refresh रहेगा।
  • आपकी Physical हैल्थ भी बोहोत अच्छी रहेगी, ओर आपको Blood Pressure ओर Heart attack आने कि बोहत काम संभावना रहेगी।

यह जरुरु पढ़े – जिंदगी बदल देने वाले Thoughts हिंदी में।

Positive Kaise Rahe – सकारात्मक कैसे रहे 

हमेशा Positive रहने के कुछ उपाए –

  • अच्छी किताबें पढ़िए।
  • अच्छे articles पढ़िए।
  • अच्छे लोगों के साथ रहिए और उनसे दोस्ती कीजिए।
  • अच्छे लोगों को Follow कीजिए।
  • जब वक्त मिले तब स्वयं के बारे में अच्छा सोचिए।
  • जब भी आपके दिमाग में कोई नकारात्मक विचार आए तो तुरंत उससे एक सकारात्मक विचार से बदल दीजिए,

जैसे कि आपको एक विचार आया कि, में जीवन में कुछ नहीं कर सकता तो आप तुरंत उस विचार को – में जीवन में सब कुछ कर सकता हूं विचार से बदल दीजिए।

जितने के लिए सकारात्मक सोच का महत्त्व । Success And Positive Thinking

जीत (success) पाने के लिए हमेशा सकारात्मक सोच (positive thinking) होनी चाहिए है, सकारात्मक सोच हमारे विचारों को‌ बदलती ‌है,

हमारा सकारात्मक दृष्टिकोण, हमें विकास, एवं अच्छे रास्ते की ओर ले जाता है, हमें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। सकारात्मक सोच व्यक्ति को जीवन में नई बुलंदियों की ओर ले जाती है,

सकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति को जीवन में लगातार जीत मिलती है, एवं चारों और खुशनुमा माहौल होता है।

सकारात्मक सोच के व्यक्ति बुरी परिस्थितियों में भी संतुष्टि का कारण ढूंढ लेते हैं। सकारात्मक सोच हमेशा अच्छे परिणाम की आशा करती है। सकारात्मक सोच के कारण आपका व्यवहार लोगों के प्रति अच्छा होता है।

Positive Thinking In Hindi

जीत हासिल करने के लिए जिस तरह कड़ी मेहनत, योग्यता, क्षमता एवं बेहतर कार्यप्रणाली (Work Planning) की आवश्यकता होती है, उसी तरह आपको जीत के प्रति आश्वस्त (Convinced) होने के लिए सकारात्मक सोच(Positive Thinking) एवं सकारात्मक विचार की आवश्यकता है।

नकारात्मक सोच होने के कारण व्यक्ति कठिन मेहनत (hard work) नहीं कर सकता है। और छोटी-छोटी बातों पर घबरा जाता है और पीछे हट जाता है।

कार्य मे थोड़ी सी मुसीबत आ जाने पर परिणाम से डर जाता है, उसे स्वयं की बर्बादी नजर आने लगती है ‌नकारात्मक सोच के व्यक्ति को चारों और निराशा और असफलता ही नजर आती है।

किसी व्यक्ति की सोच उसके व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक जीवन को सुचारू बनाने में बहुत अहम भूमिका अदा करती है,

अधिकांश व्यक्ति नकारात्मक सोच से घिरे रहते हैं और अधिकांश व्यक्तियों को स्वयं पर विश्वास नहीं होता वह परिस्थितियों के गुलाम होते हैं,

वह स्वयं अपने जीवन में असफल रहने के उत्तरदाई वे खुद रहते हैं एवं दूसरों को भी आगे बढ़ने से रोकते हैं और उनका मनोबल कम करते हैं।

नकारात्मक सोच वाले लोगों से दूर रहें। 

अपने यह कहानी तो सुनी ही होगी । एक बार एक गांव में स्कूल के कक्षा आठ के बच्चों में पहाड़ की चोटी पर चढ़कर वापस आने की शर्त लगी।

10 बच्चे शर्त के लिए तैयार हो गए। जैसे ही बच्चों ने चलना शुरू किया, अन्य बच्चे कहने लगे कि इतनी ऊंची पहाड़ी पर नहीं चढ़ा जा सकता। प्यास लग जाएगी।

आगे घना जंगल हे, पत्थर बारिश में भीगे हुए हैं, फिसल जाओगे। ऐसी बातें सुनकर चढ़ने वाले बच्चे हताश हो गए और वहां 9 बच्चे तो बीच में ही रुक गए। एक बच्चा चलता गया और वह सकुशल वापस लौट आया।

सभी ने उसकी सफलता का राज जानना चाहा तो पता चला कि वह बच्चा बहरा है,

जिसने नकारात्मक की इस वाणी को सुना ही नहीं, वह सकारात्मक सोच से आगे बढ़ता चला गया। इसलिए नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति से सदा दूरी बना कर रहे।

यह कहानी बहुत प्रेरणादाई हे। सकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति आत्मविश्वास से भरपूर एवं जीवंत दिखाई देते हैं। उनका मानसिक मनोबल सामान्य व्यक्तियों से उच्च एवं आसान होता है।

आपकी सोच, आपके व्यक्तित्व को दर्शाती है और आपका सकारात्मक व्यक्तित्व आप को नई बुलंदियों की ओर आगे बढ़ने को प्रेरित करता है। जीत के लिए सकारात्मक सोच बहुत आवश्यक है।

सकारात्मक सोच से आपके जीवन में बदलाव।

मान लीजिए आपने किसी से वादा किया है, कि आप प्रतिदिन सकारात्मक ऊर्जा से अपने पूर्व निर्धारित समय से 1 घंटा पूर्व उठेंगे, सुबह 8:00 बजे से अपने कार्य चाहे पढ़ाई से संबंधित या कोई अन्य कार्य पर लग जाएंगे।

आपको इस छोटे से वादे को पूर्ण सम्मान के साथ पूर्ण करना होगा। यदि आप स्वयं किए गए इस वादे को पूरी ईमानदारी से निभाते हैं तो, आपको स्वयं में एक आत्मविश्वास दिखेगा, सकारात्मक सोच से एक छोटी सी सफलता, आपको बहुत ऊंचे शिखर पर ले जाने की शुरुआत करती है।

अगर आप सकारात्मक सोच रखते हैं लेकिन एक मजबूत इच्छाशक्ति नहीं रखते हैं तो बिना इच्छाशक्ति से कुछ भी संभव नहीं है दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर व्यक्ति, असंभव से असंभव कार्य को भी संभव कर सकता।

इतिहास में ऐसे बहुत से उदाहरण मिल जाएंगे इस, असंभव कार्य को मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर संभव किया। व्यक्ति संसार में बहुत कुछ पाने की इच्छा तो रखता है, लेकिन सकारात्मक सोच और दृढ़ इच्छाशक्ति नहीं रखता वह बस यह चाहता है कि सब उसे घर बैठे बैठे मिल जाए, और वहां कुछ प्रयास ही नहीं करना चाहता। इस कारणों से उसे पराजय का मुंह देखना पड़ता है,

कुछ लोग छोटी सी सफलता से ही बहुत खुश हो जाते हैं एवं आगे कुछ बड़ा ‌करने का प्रयास ही नहीं करते, उच्च स्तरीय सफलता पाने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति, आत्म बल, एक सकारात्मक सोच का होना बहुत आवश्यक है।

स्वामी विवेकानंद की कहानी।

एक बार स्वामी विवेकानंद एक निर्माणाधीन मंदिर के पास से गुजर रहे थे, उन्होंने वहां पर कार्य कर रहे एक कारीगर से पूछा ‘भाई’। क्या कर रहे हो? उनका जवाब था “गधागिरी कर रहे हैं।

दिखता नहीं की इस गर्मी में गधे की तरह मेहनत करनी पड़ रही है।

“स्वामी विवेकानंद वहां से हंस कर चल दिए। उन्होंने दूसरे कारीगर से पूछा ‘भाई’ क्या कर रहे हो?

तो उसने कहा कि है “स्वामी जी, ईश्वर की कृपा से, मैं इस भव्य मंदिर के निर्माण में अपना एक छोटा सा योगदान दे रहा हूं। मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे यहां काम करने का सौभाग्य मिला।

इस तरह एक आदमी की सोच कितनी नकारात्मक थी, जबकि दूसरे आदमी की सोच कितनी सकारात्मक है। नकारात्मक व्यक्ति कितना दुखी एवं हताश होकर अपना कार्य कर रहा था, जबकि सकारात्मक व्यक्ति कितना खुश होकर अपना कार्य कर रहा था।

सकारात्मक सोच जीतने के लिए आवश्यक है, अपनी नकारात्मक सोच, गलत आदतों को छोड़ने, एवं कुछ अच्छी आदतें (सकारात्मक सोच) अपनाने हेतु तैयारी करें।

जीतने के लिए स्वयं को सुधारने की, और ‌तुम्हें कुछ छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता होती है।

देखिए जब आपने जितने का संकल्प ले ही लिया है तो नकारात्मक सोच को अपने से दूर रखें,

यदि जीतने की मन में ठान ही ली है, तो उस चीज को पूरा करने हेतु, स्वयं को तैयार तो करना ही होगा, और तैयारी की शुरुआत सकारात्मक सोच से करने से आपको उस काम में सफलता मिलेगी तय हैं।

दैनिक जीवन में की जा रही बहुत सी गलतियों को सुधारना होगा। स्वयं को तैयार तो करना ही होगा‌।

नकारात्मक सोच को अपने जीवन से जितना दूर हो सके उतना दूर रखिए, और सकारात्मक सोच को अपने जीवन में अपनाएं,

और अपने आसपास रहने वाले लोगों की पहचान करें वहां आप के खिलाफ सकारात्मक सोचते हैं या नकारात्मक अगर वह आपके बारे में नकारात्मक सोचते हैं तो उनसे तुरंत दूर हो जाइए वह आपके जीवन के असफल होने का बहुत बड़ा कारण बन सकते है।

यह जरुरु पढ़े – समय का सदुपयोग कैसे करें?

किसी भी काम को सकारात्मक ऊर्जा के साथ शुरू करें ना कि नकारात्मक सोच के साथ।

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