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MP PAT Ka Full Form Kya Hai? Mppat क्या है ?

MP PAT Full Form In Hindi

MPPAT का फुल फॉर्म मध्यप्रदेश प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (Madhya Pradesh Pre agriculture test) हैं।

PAT, इस परीक्षा को जो छात्र अभी 12वी में है या जो 12वी की परीक्षा पास हो गए है, दोनो ही इस एग्जाम को दे सकते है, PAT पास करने वाले छात्रों को 4 वर्षीय डिग्री कॉलेज में प्रवेश मिलता है।

What is MP PAT Exam?एमपी पीएटी परीक्षा क्या है?

यहां परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित करवाई जाती है। MPPAT, राज्य स्तरीय परीक्षा है, जिसकी मदद से B.sc(कृषि), B.Tech (कृषि विज्ञान), B.Sc (बागवानी), B.Sc (वानिकी) जैसे पाठ्यकर्मों में प्रवेश लिया जाता है।

MP PAT Rules : एमपीपीएटी के नियम

एमपीपीएटी का फॉर्म भरने से पहले विद्यार्थियों को पात्रता मानदंड से गुजरना होगा और फिर आवेदन पत्र भरना होगा।

B.Sc (Agriculture), B.Sc (Forestry), B.Sc (Horticulture)

विद्यार्थियों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान (Chemistry), भौतिक विज्ञान (Physics), के साथ जीव विज्ञान (Biology) / गणित (Math) / कृषि (Agriculture) या वन विज्ञान (forestry) में से किसी एक विषय के साथ 12 वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है।

B.Tech (Agriculture Engineering) : बी.टेक (कृषि इंजीनियरिंग)

इसके लिए विद्यार्थियों को 12वी कक्षा में रसायन विज्ञान (Chemistry), भौतिक विज्ञान (Physics), अंग्रेजी (English), ओर गणित (Math) के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है, जो विद्यार्थी इस वर्ष 12वी में है वे भी फॉर्म भर सकते है।

MP PAT Application Form : एमपी पीएटी आवेदन पत्र

एमपी पीएटी आवेदन की पूर्णत जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट www.peb.mp.gov.in पर जारी की जाएगी।

आवेदन पत्र भरने के चरण

• सर्व प्रथम एमपी पीएटी की आधिकारिक वेबसाइट www.peb.mp.gov.in पर जाएं।
• आवेदन के लिए अपनी आवश्यक जानकारी भरें।
• आवेदन पत्र में अपना मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी को जोड़े।
• पंजीकरण प्रक्रिया के बाद अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाये।
• अब आईडी और पासवर्ड के साथ लॉगिन करें और अपनी शैक्षिक योग्यता और व्यक्तिगत विवरण को भरे।
• अब अपने हस्ताक्षर और फोटोग्राफ दस्तावेज अपलोड करें।
• आपके द्वारा भरी गई जानकारी को एक बार देखे और उसके बाद आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
• आवेदन पत्र जमा करें और एक फोटोकॉपी लें।

MP PAT Application Fee : एमपी पीएटी की एप्लिकेशन फीस कितनी है?

एमपी पीएटी आवेदन शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन तरीकों से ही किया जाता है, विद्यार्थी का भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग की मदद से एमपी पीएटी आवेदन शुल्क का भुगतान कर सकते है। विभिन्न श्रेणियों के लिए आवेदन शुल्क अलग-अलग होते है, जैसे जनरल (General Category) 500 रुपए और आरक्षित श्रेणी (Reserved Category) के लिए 250 रुपए आवेदन शुल्क है।

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MP PAT Admit Card : एमपी पीएटी एडमिट कार्ड केसे प्राप्त करे?

जब भी व्यावसायिक परीक्षा मंडल, भोपाल, मध्य प्रदेश एमपी पीएटी के लिए प्रवेश पत्र जारी करेगा। जिन उम्मीदवारों ने आवेदन दिया है, वे एमपी पीएटी की वेबसाइट पर जाकर अपना एमपी पीएटी एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकते है।

Steps to download the admit card Of MP PAT :

एमपी पीएटी एडमिट कार्ड को निम्न चरण में प्राप्त करे.

• सर्वप्रथम एमपी पीएटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
• होम पेज पर नोटिफिकेशन बार पर क्लिक करें।
• MP PAT एडमिट कार्ड पर क्लिक करें।
• अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड दर्ज करे और एडमिट कार्ड डाउनलोड करें।
• एडमिट कार्ड की फोटोकॉपी ले लें।

MP PAT Exam Centre : एमपी पीएटी परीक्षा केंद्र

आवेदन कर्ता उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार एमपी पीएटी के लिए परीक्षा केंद्रों का चयन कर सकते हैं। नीचे एमपी पीएटी परीक्षा केंद्रों की सूची दी गई है:

• राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर

• जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर

• महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट, सतना

तो ये था MPPAT Ka Full Form Kya Hai? Mppat क्या है? से जुड़ा हुआ हमारा पोस्ट आशा करते है, यह जानकारी आपको पसंद आयी। अपने सभी दोस्तों के साथ इसे शेयर करना न भूले धन्यवाद्

Aiden Markram Biography In Hindi – एडेन मार्कराम का जीवन परिचय

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एडेन मार्कराम एक साउथ अफ्रीकन क्रिकेटर है, जो एक बेस्टमैन है, ये आईपीएल (IPL) में पंजाब किंग की और से खेलते है। Aiden Markram एक नई उम्र के खिलाड़ी है इनका जन्म 4 अक्टूबर 1994 को सेंचुरियन, गौतेंग, दक्षिण अफ्रीका में हुआ था। इनकी उम्र 26 वर्ष है, ये दक्षिण अफ्रीका की टीम में शामिल है, ये अब तक दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अफ्रीका U19, नेल्सन मंडेला बे स्टार्स, दक्षिण अफ्रीका A, डरहम, पार्ल रॉक्स, हैम्पशायर, पंजाब किंग्स के लिए खेल चुके है। इन्होंने सितंबर 2017 में दक्षिण अफ्रीका के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था, इससे पहले ये दक्षिण अफ्रीका U19 के कप्तान रह चुके है।

Aiden Markram Biography In Hindi – एडेन मार्कराम का जीवन परिचय

एडेन मार्कराम के बारे में –

पूरा नाम – एडेन काइल मार्क्राम
जन्म – 4 अक्टूबर 1994 को सेंचुरियन,
गौतेंग, दक्षिण अफ्रीका
ऊंचाई – 6.1 फीट
बल्लेबाजी – राइट-हैंडेड
बॉलिंग – राइट-आर्म ऑफब्रेक

एडेन मार्कराम साउथ अफ्रीकन खिलाड़ी है जिनका पूरा नाम एडेन काइल मार्क्राम है, इनका जन्म 4 अक्टूबर 1994 को सेंचुरियन, गौतेंग, दक्षिण अफ्रीका में हुआ था। इनकी ऊंचाई 6.1 फुट है और ये दाहिने हाथ के बल्लेबाज है। और राइट-आर्म ऑफब्रेक बोलिंग करते है।

टीम – साउथ अफ्रीका
टेस्ट जर्सी न. – 4
ODI जर्सी न. – 4
T20 जर्सी न. – 4

इंटरनेशनल डेब्यू

टेस्ट डेब्यू – 28 सितंबर 2017 vs बांग्लादेश

ODI डेब्यू – 22 अक्टूबर 2017 vs बांग्लादेश

T20 डेब्यू – 22 मार्च 2019 vs श्री लंका

टीम जानकारी

नॉर्थर्स (2014 से अब तक)
टाइटन्स (2016 से अब तक)
डरहम (2018)
पार्ल रॉक्स (2019)
हैम्पशायर (2021)
पंजाब किंग्स (2021)

करियर

टेस्ट –

कुल मैच – 25
रन – 1824
एवरेज – 39.65
कुल 50 – 9
कुल 100 – 5
बेस्ट – 152
विकेट – 0
कैंच – 24

ODI –

कुल मैच – 34
रन – 843
एवरेज – 28.10
कुल 50 – 3
कुल 100 – 0
बेस्ट – 96
विकेट – 7
कैंच – 17
बेस्ट बोलिंग – 2/18

T20

कुल मैच – 15
रन – 426
एवरेज – 35.50
कुल 50 – 4
कुल 100 – 0
बेस्ट – 70
विकेट – 5
कैंच – 13
बेस्ट बोलिंग – 3/21

Aiden Markram Career

Aiden Markram Biography In Hindi

AIDEN MARKRAM DOMESTIC CAREER
मार्कराम ने अपना पहला डेब्यू 9 अक्टूबर 2014 को नॉर्दर्न क्रिकेट टीम में दक्षिण पश्चिमी जिलों के खिलाफ किया था। 2015 में हुए अफ्रीका T20 कप के दौरान भी मार्कराम इसी टीम से जुड़े थे।

मई 2017 में मार्कराम का नाम साउथ अफ्रीका क्रिकेट एनुअल फंक्शन में डोमेस्टिक न्यूकमर की सूची में शामिल था।

अगस्त 2017 में हुए T20 ग्लोबल लीग में टीम नेल्सन मंडेला बे स्टार्स में मार्कराम का नाम शामिल था।

अक्टूबर 2018 में, मार्कराम का नाम मज़ांसी सुपर लीग टी20 टूर्नामेंट के चलते टीम पार्ल रॉक्स में शामिल किया गया था।

सितंबर 2019 में, मार्कराम का नाम पार्ल रॉक्स टीम में शामिल किया गया था, मज़ांसी सुपर लीग टूर्नामेंट 2019 के लिए।

2021 में हुए IPL जिसका पहला हाफ इंडिया में खेला गया था परंतु कोरोना वायरस के चलते आईपीएल को बीच में ही रोकना पड़ा गया था, जिसका दूसरा हाफ अब UAE में आयोजित किया गया है, मार्कराम पंजाब किंग्स की टीम में शामिल है जिसके कैप्टन केएल राहुल है।

AIDEN MARKRAM INTERNATIONAL CAREER

2017 जून में, इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में साउथ अफ्रीका टेस्ट स्क्वाड में मार्कराम का नाम शामिल किया गया था, परंतु उन्हें सीरीज में खेलने नही मिला था।

2017 में, इन्हे कैप्टन बनाया गया था साउथ अफ्रीका टीम A का जो की इंडिया टीम A के किलाफ था।

2017 में, साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज में मार्कराम का नाम शामिल था, जो बांग्लादेश के किलाफ खेला जाने वाला था। मार्कराम ने अपना टेस्ट डेब्यू 28 सितंबर 2017 को बंगलादेश के किलाफ किया था।

अक्टूबर 2017 में, मार्कराम को ODI में हाशिम अमला की जगह बांग्लादेश के खिलाफ तीसरे मैच से पहले दक्षिण अफ्रीका के एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) टीम में शामिल किया गया। जहां उन्होंने 22 अक्टूबर 2017 को बांग्लादेश के खिलाफ अपने वनडे डेब्यू मैच में उन्होंने 66 रन की पारी खेली और 2 विकेट लिए थे।

एडेन मार्कराम की अविश्वसनीय शुरुआत

6 अक्टूबर 2017 को बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच में मार्कराम ने 186 गेंदों पर 143 रन की एक बेहद शानदार पारी खेली थी।

दिसंबर 2017 में, मार्कराम ने अपना दूसरा टेस्ट शतक बनाया, साउथ अफ्रीका के मार्कराम एक मात्र खिलाड़ी है जिन्होंने अपने पहले तीन टेस्ट मैचों में दो शतक बनाया है।

30 मार्च 2018 में, मार्कराम ने अपने कैरियर का सबसे ज्यादा स्कोर बनाया था, मार्कराम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे मैच के पहले दिन 152 रन की शानदार पारी खेली थी।

आपके लिए-

कप्तान मार्कराम

फरवरी 2018 में, साउथ अफ्रीका और भारत के बीच पांच एकदिवसीय (ODI) और T20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेले जाने वाली थी जिसमे साउथ अफ्रीका के कप्तान फाफ डू प्लेसिस थे, लेकिन फाफ डू प्लेसिस को उंगली की चोट के कारण फाफ को श्रंखला से बाहर कर दिया गया था। फाफ डू प्लेसिस की अनुपस्थिति के कारण मार्कराम को साउथ अफ्रीका के कप्तान के रूप में नामित किया गया था। मार्कराम महज 23 साल 123 दिन की उम्र में, ग्रीम स्मिथ के बाद एकदिवसीय मैचों में दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन चुके है।

FAQ About Aiden Markram-

एडेन मार्कराम कोन है?
एडेन मार्कराम एक साउथ अफ्रीकन क्रिकेटर है।

एडेन मार्कराम का पूरा नाम क्या है?
एडेन मार्कराम का पूरा नाम एडेन काइल मार्क्राम है

एडेन मार्कराम किनते वर्ष के है?
एडेन मार्कराम 26 वर्ष के है।

एडेन मार्कराम किस हाथ के बल्लेबाज है?
एडेन मार्कराम दाएं हाथ के बल्लेबाज है।

एडेन मार्कराम की ऊंचाई कितनी है?
एडेन मार्कराम की ऊंचाई 6.1 फिट है।

एडेन मार्कराम आईपीएल (IPL) में किस टीम की तरफ से खेलते हैं?
एडेन मार्कराम आईपीएल में केएल राहुल की पंजाब किंग्स की ओर से खेलते है।

एडेन मार्कराम का जन्म कब हुआ था?
एडेन मार्कराम का जन्म 4 अक्टूबर 1994 में हुआ था।

एडेन मार्कराम का जन्म कहां हुआ था?
एडेन मार्कराम का जन्म सेंचुरियन, गौतेंग, दक्षिण अफ्रीका में हुआ था।

एडेन मार्कराम का जन्म कब और कहां हुआ था?
एडेन मार्क्रम का जन्म 4 अक्टूबर 1994 में सेंचुरियन, गौतेंग, दक्षिण अफ्रीका में हुआ था।

एडेन मार्कराम कितनी उम्र में कप्तान बने थे?
एडेन मार्कराम 23 साल 123 की उम्र में कप्तान बने थे।

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi

हिंदुस्तान में कौन अखबार पढ़ने का शौकीन नहीं है, यहां पर सभी लोगों की सुबह चाय अखबार के साथ होती है, अगर अखबार ना मिले तो मानो हमारा दिन ही अधूरा रह गया हो।

और अखबार हम सभी लोगों के लिए जरूरी भी है, क्योंकि इससे हमें अपने आसपास की और अपने देश में घटित हो रही घटनाएं, और कई सारी योजनाओं के बारे में पता चलता है, हर व्यक्ति को अखबार पढ़ना चाहिए ताकि वह अपने देश में हो रही गतिविधियों से अवगत हो सके।

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi

हमारे यहां अनेकों भाषाओं में कई सारे अखबार आते है, और कई सारे अखबार प्रसिद्ध भी है।

क्या आपको पता है हमारे हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा कौन सा अखबार बिकता है, हर जगह अलग-अलग अखबार प्रसिद्ध है, अगर पूरे हिंदुस्तान का देखा जाए, तो 10 ऐसे अखबार है जो पूरे देश में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध और अत्यंत लोकप्रिय भी है।

( Top 10 Most Selling Newspaper's In India )

तो आज हम आपको अपने देश के 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबारों के बारे में बताएंगे।

#10. MATHRUBHUMI, MALAYALAM ( मातृभूमि )

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi ।

मातृभूमि एक अखबार भारत के केरल राज्य में प्रकाशित किया जाता है इस अखबार की नींव 1923 मैं के.पी केसव मेनन ने रखी थी केरल राज्य में मातृभूमि अखबार दूसरा सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाला अखबार है, वर्तमान में इसके प्रकाशक पी.वी.चंद्रन व एडिटर मनोज.के.दास है।

#9. THE TIMES OF INDIA ENGLISH ( द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया )

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi ।

द टाइम्स ऑफ इंडिया, इंग्लिश भाषा का भारत में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाला अखबार है, और ये भारत का तीसरा सबसे बड़ा अखबार व भारत का ये दूसरा सबसे पुराना अखबार हे व इंग्लिश भाषा का पहला सबसे पुराना अखबार है।

इस अखबार की शुरुआत 3 नवंबर 1838 को मुंबई शहर में की गई थी।

इसकी स्थापना Bennett, Coleman and company limited द्वारा कि गई थी।

#8. RAJASTHAN PATRIKA, HINDI ( राजस्थान पत्रिका )

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi ।

राजस्थान पत्रिका की स्थापना 7 मार्च 1957 में कर्पूर चन्द्र कुलिश ने की थी राजस्थान हिंदी अखबार ने अपनी स्थापना के कुछ समय बाद ही पूरे देश में अपनी अलग ही जगह बनाने में कामयाब हो गया था राजस्थान पत्रिका रोजाना 18 लाख से अधिक लोगों द्वारा पढ़ा जाता है।

साथ ही साथ राजस्थान पत्रिका अमृतं जलमृ नाम की एक मुहिम से जुड़ा हुआ है जोकि पानी की समस्या पर काम करते हैं।

#7. EENADU, TELUGU ( इनाडु )

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi ।

इनाडु आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पढ़े जाने वाला सबसे लोकप्रिय तेलुगू अखबार है तेलुगु में इनाडु का अर्थ देश होता है और इस अखबार की स्थापना 10 अगस्त 1974 में विशाखापट्टनम शहर मैं रामोजी राव द्वारा की गई थी,
इस अखबार का हेडक्वार्टर हैदराबाद में स्थित है, इस अखबार को इंटरनेट पर भी खोजा जाता है।

वर्तमान समय में इसके तेलंगाना एडिशन के एडिटर डी.एन.प्रसाद व आंध्र प्रदेश एडिशन एम.नागेश्वरराव है।

#6. DINA THANTHI, TAMIL ( दिना थांथी )

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi ।

डेली थांथी तमिल भाषा का अखबार है, इस अखबार की शुरुआत 1942 में एसपी आदिथानर ने की थी, इस अखबार का हेडक्वार्टर तमिलनाडु के चेन्नई शहर मैं स्थित है यह अकबर पूरे भारत में तमिल भाषा का सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाला अखबार है।

#5. MALAYALA MANORAMA, MALAYALAM ( मलयाला मनोरमा )

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi ।

मलयाला मनोरमा केरल राज्य में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाला अखबार है, मलयाला मनोरमा, मलयाला मनोरमा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रकाशित किया जाता है,
इस अखबार की स्थापना 1888 मैं की गई थी।

#4. AMAR UJALA HINDI ( अमर उजाला हिंदी )

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi ।

अमर उजाला, अमर उजाला सीमित कंपनी द्वारा 1948 में आगरा शहर से शुरू की गई थी, इस अखबार को 6 राज्य व दो यूनियन टेरिटरी के करीब 180 जीलो में 21 अलग-अलग जगह पर प्रकाशित किया जाता हैं, वर्तमान समय में अमर उजाला का हेड क्वार्टर मेरठ उत्तर प्रदेश मैं स्थित है।

अमर उजाला की प्रतिदिन 20 लाख से अधिक प्रत्यीया खरीदी वा पढ़ी जाती है।

अमर उजाला, अखबार के मालिक व प्रकाशक अमर उजाला सीमित कंपनी है।

यह जरूर पढ़े-

#3. HINDUSTAN HINDI ( हिंदुस्तान हिंदी )

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi ।

हिंदुस्तान अखबार हिंदी भाषा का चौथा सबसे अधिक बिकने वाला अखबार है इस अखबार को रोजाना 20 लाख से अधिक लोगों द्वारा खरीदा व पढ़ा जाता है हिंदुस्तान अखबार की स्थापना मदन मोहन मालवीय द्वारा 12 अप्रैल 1936 में की गई थी।

हिंदुस्तान अखबार का हेड क्वार्टर नई दिल्ली में स्थित है वर्तमान समय में हिंदुस्तान अखबार के प्रकाशक अजय कुमार जैन व एडिटर व चीफ शशि शेखर है।

#2. DAINIK BHASKAR HINDI ( दैनिक भास्कर हिंदी )

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi ।

दैनिक भास्कर भारत का दूसरा सबसे बड़ा अखबार है इसे भारत की सबसे बड़ी प्रिंट कंपनी दैनिक भास्कर ग्रुप द्वारा चलाया जाता है।

दैनिक भास्कर की शुरुआत 1948 में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में की गई थी।

दैनिक भास्कर की शुरुआत सुबह पढ़े जाने वाले अखबारों में की थी इस अखबार को भोपाल में सुबह सवेरे वह ग्वालियर में मॉर्निंग इंडिया के नाम के साथ शुरू किया गया था और साल 1957 में इसका नाम भास्कर समाचार और 1958 में से दैनिक भास्कर नाम दिया गया इसमें भास्कर का मतलब उगते हुए सूरज से है।

वर्तमान समय में दैनिक भास्कर भारत के 16 राज्यों में 4 भाषाओं हिंदी, गुजराती, मराठी व गुजराती भाषा में
प्रकाशित होता है, इसे मध्य प्रदेश का नंबर वन अखबार माना जाता है।

#1. DAINIK JAGRAN HINDI ( दैनिक जागरण हिंदी )

भारत में 10 सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार। Top 10 Most Selling Newspaper’s In India। Hindi ।

दैनिक जागरण भारत का सबसे बड़ा अखबार है इसका मतलब रोज सुबह जागने से है, 2017 की एक खोज के अनुसार दैनिक जागरण भारत का सबसे बड़ा व सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाला अखबार हे. और पूरी दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा अखबार है।

दैनिक जागरण की शुरुआत 1942 में की गई थी इस अखबार को शुरू करने का श्रेय पूर्ण चंद्रगुप्त को दिया जाता है अब यह अखबार जागरण प्रकाशक लिमिटेड द्वारा चलाया जाता है।

दैनिक जागरण का पहला हेड क्वार्टर झांसी में स्थापित किया गया था जिसे सन 1947 में उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में स्थानांतरित कर दिया था।

दैनिक जागरण की प्रतिदिन 34 लाख से अधिक प्रत्यीया खरीदी व पढ़ी जाती है।

तो यह थे 10 ऐसे अखबार जो हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा बिकते हैं, और अत्यंत लोकप्रिय भी है, मैं आशा करता हूं आपको यह पसंद आया होगा।

यह जानकारी हम सभी लोगों को पता होना चाहिए, हमारा आपसे आवेदन है कि यह जानकारी अपने सभी दोस्तों, मित्रों और परिवार वालों को अवश्य भेजें ताकि उन्हें भी इसके बारे में पता चल सके।

Source – List of newspapers in India by circulation – Wikipedia

ये है भारत की टॉप 7 वेब सीरीज – 7 Top Web Series In India 2021

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बेस्ट वेब सीरीज इन इंडिया

आज के समय में Web Series को सबसे ज्यादा पसंद किया जाने लगा है, लोगों आज Movies से ज्यादा वेब सीरीज को देखना पसंद करते है।

और इसे देखते हुए आज हम आप सभी लोगों के लिए लेकर आए है Best Web Series Of India, जो कि आपको जरूर पसंद आने वाली है।

भारत की 7 बेस्ट वेब सीरीज – 7 Best Indian Web Series

#1. Aspirants

एस्पिरेंट्स एक भारतीय वेब सीरीज है, जो द वायरल फीवर (TVF) द्वारा निर्मित है। इस सीरीज की कहानी कुछ इस प्रकार है की किस प्रकार तीन दोस्त UPSC की तैयारी करते है और आने वाले सभी संघर्षों का मिलकर सामना करते हैं। इस सीरीज में नवीन कस्तूरिया, शिवंकित परिहार, अभिलाष थपलियाल, नमिता दुबे और सनी हिंदुजा मुख्य भूमिका में हैं।

यह वेब सीरीज अरुणभ कुमार और श्रेयांश पांडे द्वारा बनाई गई है। इस सीरीज के निर्देशक अपूर्व सिंह कार्की है और इसको लिखा है सुमित्रा, दीपेश, और जगदीश ने। इस वेब सीरीज के पहले एपिसोड को 7 अप्रैल 2021 को ‘द वायरल फीवर’ के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था। इस वेब सीरीज को आप यूट्यूब पर फ्री में देख सकते हैं। इस सीरीज का अभी केवल एक ही सीजन आया है और पहले सीजन में कुल 5 एपिसोड अपलोड किए गए है। इस वेब सीरिज को IMDB पर 9.7 रेटिंग मिली है। और ये सीरीज अब तक की सबसे ज्यादा रेटिंग हासिल करने वाली वेब सीरिज है।

#2. Scam 1992

स्कैम 1992 भारत की सबसे सफल वेब सीरिज में से एक है, ये वेब सीरिज 1992 में हुए हर्षद मेहता स्टॉक मार्केट स्कैम पर बनाई गई है, इसमें हर्षद मेहता की लाइफ के बारे में बताया गया है। ये एक क्राइम, ड्रामा वेब सीरीज है, जिसको हंसल मेहता, और जय महेता ने निर्देशन दिया है, इस सीरीज को सुमित पुरोहित, सौरव डे, वैभव विशाल, और करण व्यास ने लिखा है।

इस सीरीज के लीड रोल में है प्रतीक गांधी, हेमंत खेर, श्रेया धनवंतरी, सतीश कौशिक, चिराग वोहरा, रजत कपूर ओर निखिल द्विवेदी है। इस वेब सीरीज के 10 एपिसोड है जिन्हे आप सोनी लिव ऐप पर देख सकते है। Scam 1992 को IMDB पर 9.5 रेटिंग मिली है।

#3. Kota Factory

कोटा फैक्ट्री, इस कहानी की शुरुवात होती है कोटा, राजस्थान से जहां हर साल लाखों स्टूडेंट्स अलग-अलग जगहों से आईआईटी की तैयारी के लिए जाते है, वही वैभव नाम का स्टूडेंट जो इटारसी से आईआईटी की तैयारी के लिए कोटा आता है और उसे अपनी मनपसंद कोचिंग (महेश्वरी कोचिंग) जो की कोटा की सबसे अच्छी कोचिंग है वहां उसका सेलेक्सन नहीं होता है और दूसरी कोचिंग (प्रोटोजी कोचिंग क्लासेस) में हो जाता है, अब वहा वैभव किस प्रकार आने वाली मुसीबतों का सामना करता है।

इस कहानी के मुख्य भूमिका में है मयूर मोरे, जितेंद्र कुमार, अहसास चन्ना, आलम खान, रंजन राज, रेवथी पिल्लई और उर्वी सिंह है। कोटा फैक्ट्री एक ड्रामा, कॉमेडी सीरीज है जो सौरभ खन्ना द्वारा बनाई गई है, जिसे राघव सुब्बू द्वारा निर्देशित किया गया है, इस सीरीज में कार्तिक राव और सिमरन होरा ने संगीत दिया है। इस सीरीज के पहले सीजन को आप यूट्यूब पर देख सकते हैं जिसमें 5 एपिसोड हैं, इस सीरीज के पहले एपिसोड को 16 अप्रैल 2019 को The Viral Fever ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था, इस सीरीज का दूसरा सीजन 24 सितंबर 2021 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया जाएगा।

#4. The Family Man – Best Thriller Web Series 

‘द फैमली मैन’ राज निदिमोरु और कृष्णा डीके द्वारा बनाई गई सीरीज है, जो एक हिंदी भाषा की एक्शन, थ्रिलर, ड्रामा, कॉमेडी वेब सीरीज है। यह सीरीज एक मध्यम वर्गीय परिवार के उपर आधारित है इस सीरिज के मुख्य किरदार श्रीकांत तिवारी (मनोज बाजपेयी) जो एक अंडरकवर ऑफिसर है। जो गुप्त रूप से काम करता है और आतंकवादियों से लड़ता है।

इस कहानी को लिखा हे राज निदिमोरु, कृष्णा डीके और सुमन कुमार ने, इस वेब सीरीज के अभी तक 2 सीजन आ चुके हैं। इस सीरीज के मुख्य अभिनेता- मनोज बाजपेयी, सामन्था अक्किनेनी, शरद केलकर, श्रेया धनवंतरी, प्रियामणि, शरीब हाशमी, नीरज माधव, पवन चोपड़ा, किशोर कुमार, वेदांत सिन्हा, संदीप किशन, गुल पनाग शहाब अली, और मेहेक ठाकुर हैं। इस सीरीज के पहले सीजन को 20 September 2019 को अमेज़न प्राइम और दूसरे सीजन को 3 June 2021 को अमेज़न प्राइम पर रिलीज किया गया था।

#5. Mirzapur

मिर्जापुर, सबसे सफल वेब सीरीज में से एक है इसे लोगों द्वारा बहुत ज्यादा पसंद किया गया है, मिर्जापुर एक क्राइम, थ्रिलर, कॉमेडी और ड्रामा वेब सीरीज है, जो एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित है, जो अमेजन प्राइम विडियो पर उपलब्ध है। जिसके मुख्य अभिनेता पंकज त्रिपाठी(कालीन भईया), दिव्येंदु शर्मा(मुन्ना भईया), अली फजल(गुड्डू भईया), विक्रान्त मैस्सी, श्रिया पिलगांवकर, ईशा तलवार, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुग्गल, हर्षिता गौर और कुलभूषण खरबंदा है।

इस सीरीज में बताया गया है की उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र मैं स्थित मिर्जापुर के माफिया कालीन भईया का पूरे पूर्वांचल पर राज है, और वो कई सारे गलत काम करते है जैसे नशीली दवाइयों का व्यापार, बंदूकों का व्यापार करते है, कालीन भईया मिर्जापुर के किंग होते है और उनके बेटे मुन्ना भईया भी मिर्जापुर के किंग बनना चाहते है। और वही दूसरी ओर गुड्डू भईया भी मिर्जापुर पर राज करना चाहते है। इस वेब सीरीज के पहले सीजन को 16 नवंबर 2018 को रिलीज किया गया था, और दूसरे सीजन को 22 अक्टूबर 2020 को रिलीज किया था।

यह जरूर देखे-

#6. Asur

असुर 2020 की भारतीय हिंदी भाषा की क्राइम, थ्रिलर वेब सीरीज़ है, जिसका निर्माण डिंग एंटरटेनमेंट के तनवीर बूकवाला द्वारा किया गया है, जिसे वूट ऐप पर रिलीज किया गया है। इस सीरीज के मुख्य अभिनेता है अरशद वारसी, बरुन सोबती, रिद्धि डोगरा, अनुप्रिया गोएंका, आयुषी मेहता, शारिब हाशमी, पवन चोपड़ा, अन्विता सुदर्शन, विशेष बंसल है।

इस कहानी में बताया गया है की फॉरेंसिक एक्सपर्ट निखिल (बरुन सोबती), सीबीआई ऑफिसर धनंजय राजपूत (अरशद वारसी) एक ऐसा किरदार निभा रहे है जहां वे खुद को असुर मान बैठे है, इस सीरीज में असुर एक ऐसा शख्स है जिसे प्रकृति का एक ऐसा वरदान प्राप्त है जिससे वो किसी भी चीज को कुछ ही पलों में सीख सकता है और याद कर सकता है।

#7. Sacred Games

सेक्रेड गेम्स नेटफ्लिक्स वेब सीरीज है, इस सीरीज में आपको बॉलीवुड के कई सितारे देखने को मिलेंगे जैसे सैफ अली खान, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी, राधिका आप्टे, आदि इनके अलावा कुब्रा सैत, राजश्री देशपांडे, एल्नाज नोरौजी, सुरवीन चावला भी लीड रोल में है।

इस वेब सीरीज को 6 जुलाई 2018 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ किया था। इस सीरीज के निर्देशक अनुराग कश्यप और विक्रमआदित्य मोटवाणे और नीरज घेवाण है। इस सीरीज को स्मिता सिंह, वसन्त नाथ, और वरुण ग्रोवर ने लिखा है। इसके संपादक आरती बजाज है।

तो ये थी भारत की सबसे बेस्ट वेब सीरीज आशा करते है यह आपको पसंद आयी होगी।

ओलंपिक खेल प्रतियोगिता पर निबंध – Olympic Games Essay In Hindi

ओलंपिक खेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रति 4 वर्ष में आयोजित किया जाता है जो विश्व का सबसे बडा खेल महोत्सव माना जाता है। जिसमें, विश्व के लगभग सभी देशों के खिलाड़ी एक जगह एकत्रित होकर इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेते है। और सभी खिलाड़ी अपनी-अपनी प्रतिभा दिखाते हैं।

Essay On Olympics In Hindi – Olympics Essay In Hindi

ओलंपिक में जितने वाले प्रत्येक विजेताओं को पदक से सम्मानित किया जाता है। जो खिलाड़ी प्रथम स्थान प्राप्त करता है उसे स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाता है, अतः जो खिलाड़ी द्वितीय स्थान पर आता है उसे रजत पदक तथा जो खिलाड़ी तृतीय स्थान प्राप्त करता है उसे कांस्य पदक से सम्मानित किया जाता है। ओलंपिक में केवल पदक जीतने वाले खिलाड़ी का नाम रोशन नहीं होता है अपितु पूरे राष्ट्र का नाम रोशन होता है।

ओलंपिक का इतिहास काफी पुराना है। सर्वप्रथम 776 ईसवी पूर्व यूनान के एथेंस नगर के ओलंपिया पर्वत की तलहटी मैं खेलों की एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। बाद में ओलंपिया पर्वत के नाम पर ही इस खेल आयोजन का नाम ओलंपिक पड़ा। समय के साथ-साथ इसकी परंपरा एवं स्वरूप में धीरे-धीरे कई बदलाव होते गए। आज के समय में ओलंपिक सारे विश्व को अपने में समाहित किए हुए हैं। आधुनिक ओलंपिक खेलों के आयोजन का मुख्य श्रेय यूनान निवासी ‘पियरे द कुबर्तिन’ को जाता है, जिनके अथक प्रयास के फलस्वरुप ही आज ओलंपिक का अस्तित्व है।

ओलंपिक का एक झंडा होता है जिसका रंग सफेद है इसमें आपस में जुड़े पांच गोले अंकित है। यह गोले पांच महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उद्घाटन के समय मशाल जलाकर हजारों कबूतरों को आकाश में उड़ाया जाता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय सद्भावना एवं शांति का प्रतीक माना जाता है।

आधुनिक ओलंपिक का प्रथम आयोजन सन 1986 में यूनान के एथेंस नगर में ही हुआ था। इसके बाद से ही प्रति 4 वर्ष के अंतराल पर विश्व के बड़े बड़े नगरों में ओलंपिक का आयोजन होता चला आ रहा है। इस बीच केवल दो बार ही अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक प्रतियोगिता में अंतराल आया था, जब प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध के कारण इन खेलों का आयोजन रद्द कर देना पड़ा था।

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक खेल प्रतियोगिता में खेलों में हार व जीत का विशेष महत्व नहीं होता। महत्त्व होता है अनुशासन भाईचारे और इमानदारी का। 1996 ईस्वी के ओलंपिक में इन्हीं कारणों से भारत को हॉकी में ‘फेयर प्ले एवार्ड’ मिला था। जिस खेल प्रतियोगिता में खेल खेलने के साथ-साथ जितना अधिक अनुशासन, ईमानदारी और बंधुत्व का भाव रहता है, उस खेल को उतना ही उत्कृष्ट माना जाता है। ओलंपिक आयोजन का उदेश्य खेलों के माध्यम से सारे विश्व को एक सूत्र में जोड़ना है।

वस्तुत: ‘वसुदधेव कुटुंबकम’ ही ओलंपिक का नारा है

आज के इस वक्त में ओलंपिक खेल सबसे प्रचलित आयोजित किए जाने वाला खेल है, जिसमे भाग लेने के  लिए कई सारे सालों तक मेहनत करते है। हमारे देश के कई खिलाड़ियों ने ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल किए है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे देश का नाम रोशन किया है।

FAQ (सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल) –

प्रश्न: ओलंपिक खेल कितने वर्षों में आयोजित किया जाता है?
उत्तर: ओलंपिक खेल प्रतियोगिता 4 वर्ष के अंतराल में आयोजित किया जाता है।

प्रश्न: पहला ओलंपिक कहां और कब खेला गया था?
उत्तर: पहला ओलंपिक 776 ईसवी में पूर्व यूनान के एथेंस नगर के ओलंपिया पर्वत की तलहटी पर खेला गया था।

प्रश्न: आधुनिक ओलंपिक का प्रथम आयोजन कब और कहा हुआ था?
उत्तर: आधुनिक ओलंपिक का प्रथम आयोजन सन 1986 में यूनान के एथेंस नगर में ही हुआ था।

प्रश्न: ओलंपिक खेल का श्रेय किसे दिया जाता है?
उत्तर: ओलंपिक खेल का मुख्य श्रेय यूनान निवासी ‘पियरे द कुबर्तिन’ को जाता है।

प्रश्न: ओलंपिक झंडे में पांच गोले किस का प्रतीक है?
उत्तर: ओलंपिक झंडे में पांच गोले 5 महाद्रीपो का प्रतीक है।

प्रश्न: ओलंपिक का झंडा किस रंग का होता है?
उत्तर: ओलंपिक का झंडा सफेद रंग का होता है।

प्रश्न: ओलंपिक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को कौनसा पदक दिया जाता है?
उत्तर: ओलंपिक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाता है।

प्रश्न: ओलंपिक प्रतियोगिता में दूसरे स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को कौनसा पदक दिया जाता है?
उत्तर: ओलंपिक प्रतियोगिता में दूसरे स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को रजत पदक से सम्मानित किया जाता है।

प्रश्न: ओलंपिक प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को कौनसा पदक दिया जाता है?
उत्तर: ओलंपिक प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को कांस्य पदक से सम्मानित किया जाता है।

तो ये था ओलंपिक खेल प्रतियोगिता पर निबंध आशा करते है यह आपको पसंद आया होगा। अच्छा लगा हो तो Share जरूर करे।

Kunal Chhabhria Biography In Hindi/कुणाल छाबरिया की बायोग्राफी

कुणाल छाबरिया एक एक्टर, यूट्यूबर, राइटर, डायरेक्टर और एकएडिटर है। इन्हे आपने अक्सर आशीष चंचलानी वाइंस में देखा होगा। यह यूट्यूबर आशीष चंचलानी के साथ काम करते हैं। कुणाल एक बेहतरीन एक्टर है यह आशीष चंचलानी की वीडियो के अलावा भी कई यूट्यूबर की वीडियो में भी दिखाई देते है। इसके अलावा इनका अपना ऑफिशियल यूट्यूब चैनल भी है।

कुणाल छाबरिया कोन है? Who is Kunal Chhabhria?

कुणाल छाबरिया एक यूट्यूबर, एक्टर, राइटर, डायरेक्टर है। इसके अलावा कुणाल एक बिजनेसमैन है यह “द ब्रांगसम मीडिया” कंपनी के मालिक हैं। इनको आपने अक्सर आशीष चंचलानी की वीडियोस में देखा होगा।

Real Name.             Kunal Chhabhria
Nick Name             Kunal, Kunnu, Kamla
Profession              Actor, writer, director,editor and youtuber

कुणाल छाबरिया पर्सनल लाइफ । Kunal Chhabhria Perosnal Life-

Kunal Chhabhria Date of birth, age, real name, religion, nickname

कुणाल छाबरिया का जन्म 10 सितंबर को मुंबई के ठाणे में हुआ था। कुणाल पंजाबी फेमिली से आते है। अभी कुणाल की उम्र 26 वर्ष है और इनका nick name कुणाल, कुन्नू और कमला है कमला इनका एक आशीष चंचलानी की वीडियो में एक कैरेक्टर है।

Birth date           10 September, 1995
Birth place          Thane, Mumbai
Religion              Sikh
Age in 2021        26 years

Kunal Chhabhria Married

कुणाल ने Manvita Chhabhria से शादी की है जो एक बिजनेसवूमेन और फैशन डिजाइनर है।

Married – Manvita Chhabhria

Kunal Chhabhria Height, Weight

कुणाल छाभरिया की ऊंचाई 5.10 फ़ीट है और वजन लगभग 75 kg है. इनका आंखो का कलर Black और बालो का कलर भी Black है।

Height             5.10 फीट, 180 cm, 1.80m
Weight            75 kg
Eye Colour      Black
Hair Colour     Black

Kunal Chhabhria family, Mother and father name

कुणाल के परिवार के बारे में अभी कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

Fathers name          Not known
Mothers name        Not known
Brother name          Not known
Sisters name           Not known

Kunal Chhabhria Friends

FriendsAshish chanchlani, Akash dodeja, Simran dhanwani, Jashn, Anmol, and Muskan Chanchlani

कुणाल छाबरिया की पढ़ाई । Kunal chhabhria Education-

कुणाल ने अपनी शुरुआती स्कूल की पढ़ाई (1997 से 2003 तक) स्वामी विवेकानंद हाई स्कूल चेंबूर, मुंबई और (2003 से 2009 तक) न्यू इंग्लिश हाई स्कूल से पूरी की है। इन्होंने C.M.H कॉलेज से (2009 से 2014 तक) Bachelors of mass media advertising की पढ़ाई की है।

School             Swami Vivekananda Higher Secondary School

School             Chembur, Mumbai (1997-2003)
School             New English High school (2003- 2009)
College            C.M.H (2009-2014)

कुणाल छाबरिया करियर । Kunal chhabhria Career-

कुणाल “आशीष चंचलानी वाइंस” के एक जबरजस्त एक्टर है। ये आशीष चंचलानी के शुरुवात से उनके साथ है। “आशीष चंचलानी वाइंस” में कुणाल के सभी कैरेक्टर्स को लोगो द्वारा बहुत पसंद किया जाता है।
कुणाल का एक अपना ऑफिशियल यूट्यूब चैनल है “Kunal chhabhria” जिस पर 1.7 मिलियन सब्सक्राइबर मौजूद है। इसके अलावा कुणाल “What The Fukrey” यूट्यूब चैनल के कोफाउंडर है जिस पर अभी 2 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर मौजूद है।
कुणाल एक बिजनेसमैन है वे एक्टिंग और कॉमेडी के साथ साथ “The Brangasm Media” कंपनी के मालिक है जो ब्रांड्स को क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स से जोड़ती है।
कुणाल छाबरिया को बचपन से ही एक्टिंग का बहुत शोक था इन्होंने Zee TV के एक शो में चाइल्ड एक्टर के रूप में भी काम किया है।

Kunal chhabhria Social media-

कुणाल छाबरिया अपने सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते है।

Yotube
कुणाल “आशीष चंचलानी वाइंस” वीडियो में काम करते है। “Ashish chanchlani vines” यूट्यूब चैनल पर अभी 26 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर मौजूद है। और आशीष अभी भारत के दूसरे सबसे बड़े यूट्यूबर है।

कुणाल के अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 1.7 मिलियन सब्सक्राइबर मौजूद है। जिस पर ये कॉमेडी वीडियोस अपलोड करते है।

कुणाल “What The Fukrey” यूट्यूब चैनल के कोफाउंडर है जिस पर अभी 2 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर मौजूद है। और इस चैनल पर भी कॉमेडी वीडियोस ही अपलोड की जाती है।

Instagram

कुणाल छाबरिया के इंस्टाग्राम पर 2 लाख सब्सक्राइबर मौजूद है।

Facebook

कुणाल के फेसबुक पेज पर 31 हजार फॉलोवर मौजूद है।

Youtube subscribers and followers 

ACV                           26 million subscribe
Kunal chhabhria       1.7 Millions Subscribe
what The Fukrey       2 million Subscribe

यह जरूर पढ़े – Mohit Chhikara Biography In Hindi – मोहित छिकारा की जीवनी

Instagram

Kunal Chhabhria. 2 lakh Followers

आशा है आपको Kunal chhabhria की लाइफस्टाइल अच्छी लगी होगी।अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को जरूर शेयर करे।
धन्यवाद।

गांव में शुरू करे ये 7 बेस्ट बिजनेस – 7 Best Business Ideas For Village 2021

7 Best Business Ideas For Village/गांव में बिजनेस करने का तरीका

हमारे देश की आदि से ज्यादा आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में बसती है। लगभग 68 प्रतिशत लोग गांव में बसते है, गांव के लोग ज्यादातर शहर जाकर नौकरी या व्यवसाय शुरू करते हैं लेकिन बहुत से लोग अपना गांव छोड़कर शहर नौकरी या व्यवसाय करना नहीं चाहते हे, वह चाहते है कि वह गांव में रहकर अपना खुद का एक बिजनेस स्टार्ट करें, लेकिन गांव के लोगों का कहना यह है कि गांव में कोई बिजनेस नहीं चल सकता लेकिन आप गांव में सफल होने वाले इन 7 बिजनेस आइडिया को फॉलो करकर आप अच्छी खासी इनकम कमा सकते हैं।

आज के इस वक्त में आप घर बैठे कई सारे बिजनेस की शुरुआत कर सकते हो, और बिजनेस की शुरुआत कही से भी की जा सकती है, ऐसा जरूरी नहीं है की बिजनेस की शुरुआत सिर्फ शहर से ही होती है, आप गांव से भी एक सफल बिजनेस की शुरुआत कर सकते हो।

अभी हाल में चल रही महामारी के चलते ज्यादातर लोग शहर से अपने गांव वापस चले गए हैं और सोच रहे हैं कि वह गांव में कौन सा व्यवसाय या बिजनेस शुरू करें?
आज हम आपको बताने जा रहे हैं गांव में सफल होने वाले 7 बिजनेस आइडिया

गाँव में शुरू करने लायक 7 बिज़नेस – Best Business Ideas For Village

#1. प्लांट नर्सरी/Plant Nursery

प्लांट नर्सरी का बिजनेस करना आजकल हर कोई पसंद करता है, आज कल लोग अपने घरों के आस पास काफी पौधे लगाकर अपना घर हरा भरा रखना चाहते है। ताकि उनका घर अच्छा और सुंदर लगे और प्लांट नर्सरी से घर के आसपास का वातावरण भी शुद्ध रहता है। आप अपने गांव में रहकर प्लांट नर्सरी का बिजनेस शुरू कर सकते है, आप अपने प्लांट नर्सरी के लिए अपने खेतो का यूज करकर काफी ज्यादा मात्रा में प्लांट उगा सकते है। आप शहरों में अपने प्लांट को बेच सकते है जिससे आपको अच्छी खासी Income हो सकती है।

#2. खाद व बीज की दुकान/Fertilizers And Seeds Store

ग्रामीण इलाकों में अक्सर किसानों को खाद और बीज की आवश्यकता होती है, खाद व बीज की दुकान गांव में न होने की वजह से किसानों को खाद्य व बीच खरीदने के लिए शहर जाना पड़ता है इसके लिए आप अपने गांव में या गांव के आसपास खाद बीज की दुकान खोल सकते हैं।

इससे आप किसानों का समय भी बचा सकते है और आप अपनी खेती भी आसानी से कर सकते है। यहां बिजनेस आप कम लागत में शुरू कर सकते हैं, इस बिजनेस से आप अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं।

#3. जनरल स्टोर/General Store

गांवो में अक्सर छोटी छोटी चीजे उपलब्ध नहीं होती है, जिसके कारण ग्राहकों को छोटी से छोटी चीज लेने के लिए शहर जाना पड़ता है, आप अपने गांव में एक जनरल स्टोर शुरू कर सकते हैं। आप ध्यान रखिए कि रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली प्रत्येक वस्तु आपकी दुकान में उपलब्ध हो। और ग्राहकों को दूसरी जगह जाना ना पड़े।

आप शुरुआत में कम खर्च में दुकान स्टार्ट कर सकते हैं और अगर आप की दुकान अच्छी चलती है तो आप छोटी से लेकर बड़ी चीजें अपनी दुकान में रख सकते हैं और अगर आपके गांव से आपका शहर ज्यादा दूरी पर स्थित है तो आप अपने आसपास के गांव के लोगो को भी अपनी दुकान की ओर आकर्षित कर सकते हैं।

आप अपनी दुकान में अच्छे से अच्छा सामान रखिए और वहां सभी समान रखिए जिसके कारण ग्राहकों को बाजार न जाना पड़े। आप इस बिजनेस में अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं, इस बिजनेस को आपके घर का कोई भी सदस्य चला सकते है।

#4. दूध केंद्र/Milk Dairy

गांव में लगभग हर व्यक्ति भैंस या गाय पालते है, आप अगर गांव में बिजनेस करना चाहते हैं तो दूध डेरी एक अच्छा विकल्प है। इसके लिए आपको गांव वालो का दूध एकत्रित करकर शहर जाकर बेच सकते है। आप गांव वालो का दूध एकत्रित कर या तो शहर में किसी डेयरी पर बेच सकते है या अपनी खुद की डेयरी खोल सकते है, या घर-घर जाकर दूध बेच सकते है आप तीनों विकल्पों में से कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। दूध डेयरी एक लंबे समय तक चलने वाला बिजनेस है। इसमें प्रॉफिट मार्जिन बहुत होता है।

आप बहुत कम खर्च में डेयरी शुरू कर सकते है, इसके लिए आप कुछ बड़े बर्तन, वजन के लिए मशीन या नाप लीटर ले सकते है। इसके अलावा फेट मशीन की आवश्यकता होती है। अगर आप अपनी डेयरी अच्छी तरह से चलाना चाहते हैं तो आप जिन किसानों से दूध ले रहे हैं उनको अच्छा भाव दीजिए हर हफ्ते उनके पैसे टाइम से दीजिए। जिससे कि वे आप की डेयरी पर ही दूध देंगे।

#5. ट्रांसपोर्ट सर्विस/Transport Service

गांव में अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ ही किसानों के पास ट्रैक्टर की सुविधा होती है और अधिकतर किसानों के पास ट्रैक्टर की सुविधा नहीं होती है। जिसके कारण वे अपना अनाज व कोई भी सामान शहर नहीं ले जा सकते। आप उनकी यह समस्या दूर कर सकते है। आप अपने गांव में रहकर ट्रांसपोर्ट सर्विस का काम शुरू कर सकते हैं। आप अपने ट्रैक्टर या किसी भी वाहन में किसानों के अनाज को भाड़े पर शहर ले जा सकते है। इससे उनकी समस्या भी खत्म होगी और आपको भी अच्छी खासी Income होगी।

यह जरूर पढ़े- अमीर लोगो के 13 नियम। 13 Rules of rich people

#6. मेडिकल स्टोर/Medical Store

गांव में अगर कोई व्यक्ति बीमार होता है तो उसे इलाज के लिए शहर ले जाना पड़ता है। छोटी-छोटी बीमारियों से निपटने के लिए भी गांव में कोई सुविधा नहीं होती है। अगर आपके गांव में भी यहां समस्या है और अगर आपने बी फार्मा या बायोटेक किया है तो आप अपने गांव में आसानी से मेडिकल स्टोर खोल सकते है।

अपने गांव में आप मेडिकल स्टोर खोलकर अपने गांव वालों की मदद कर सकते हैं मेडिकल से अच्छा खासा प्रॉफिट भी कमा सकते हैं।

#7. मोबाइल की दुकान । Mobile Shop

आज कल जिस प्रकार मोबाइल का उपयोग किया जा रहा है। आजकल गांव में भी प्रत्येक व्यक्ति के पास मोबाइल उपलब्ध है। लेकिन अगर गांव में किसी व्यक्ति के फोन मैं कोई खराबी होती है या रिचार्ज करवाना होता है तो उन्हें शहर जाना पड़ता है आप अपने गांव में एक छोटी मोबाइल की दुकान खोल सकते हैं। जिसमें आप मोबाइल रिपेयरिंग, मोबाइल रिचार्ज और मोबाइल बेच सकते हैं। इसके अलावा आप दुकान में कई सारे सामान भी बेच सकते हैं। इस बिजनेस से भी आप अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं।

तो ये थे गांव में शुरू करने लायक 7 बेस्ट बिजनेस आइडिया आशा करते है यह आपको पसंद आए होंगे, अपने साथियों के साथ इससे शेयर जरूर करे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक ये बिजनेस ideas पोहोच सके।

ईमेल पर निबंध पत्राचार का जादू – Email Essay In Hindi

‘ई-मेल'(Email) जिसका पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक मेल है। इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचार साधनों के द्वारा पत्र-व्यवहार को इलेक्ट्रॉनिक मेल कहते है।

Essay On Email In Hindi – ईमेल पर निबंध पत्राचार का जादू

आज इंटरनेट के माध्यम से अपने संदेशों (मेसेज) के आदान प्रदान के लिए ई-मेल का उपयोग बहुत बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इस प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक मेल से समय और धन दोनों की बचत होती है।

ईमेल के माध्यम से हम कुछ ही सेकंड में अपने मैसेज को दुनिया के किसी भी कोने में भेज सकते हैं। ईमेल कंप्यूटर नेटवर्क पर डाक सुविधा प्रदान करता है। जब कई बार एक साथ उपलब्ध कंप्यूटर एक दूसरे से जुड़ते हैं तो संदेशों का आदान प्रदान बड़ा ही सहज हो जाता है। इन्टरनेट नेटवर्कों का नेटवर्क है अर्थात उसमें छोटे-छोटे नेटवर्को का परस्पर संबंधित बड़ा नेटवर्क है, इसलिए इसमें भी प्रयोगकर्ता (यूजर) एक-दूसरे से बहुत आसान तरीके से पत्र – व्यवहार (mailing) कर सकते हैं।

जिस प्रकार पहले किसी भी डाक को पहुंचाने के लिए पते की आवश्यकता होती थी, उसी प्रकार इलेक्ट्रॉनिक मेल में भी संदेश भेजने के लिए पते-ठिकाने की आवश्यकता होती है। इसलिए यदि कहीं ईमेल के द्वारा कोई संदेश भेजना होता है तो सर्वप्रथम उस पते की आवश्यकता होती है जहां पर संदेश भेजना है।

इन्टरनेट से ईमेल के आदान-प्रदान की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें अपने संदेश को इंटरनेट से जुड़े किसी भी कंप्यूटर पर प्राप्त किया जा सकता है, चाहे वह दुनिया में कहीं पर भी स्थित हो।

आज ईमेल का उपयोग बहुत तेजी से हो रहा है। पहले ईमेल का प्रयोग छोटे-छोटे संदेशों के आदान-प्रदान के लिए किया जाता था किंतु आजकल दस्तावेजों के आदान-प्रदान और ग्राफिक्स या इमेज सामग्री के आदान-प्रदान के लिए ईमेल का प्रयोग हो रहा है।

इसके अलावा आज ईमेल के द्वारा अपनी आवाज को भी एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जा सकता है। यह सब MIME (Multi-purpose Internet Mail Extension) जैसे सॉफ्टवेयर और Unicode जैसी इनकोडिंग योजनाओं की खोज से संभव हो सका है। इसलिए आजकल डाक पते और फोन नंबर के साथ-साथ ईमेल पता भी पूछा जाता है।

आजकल मोबाइल की वजह से समाज में पत्र-लेखन की परम्परा धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है। ई-मेल ने इस परम्परा को पुनः जीवित कर दिया है। आज पत्र-लेखन संदेश के लिए ई-मेल का बखूबी प्रयोग हो रहा है।

इंटरनेट पर ऐसी कई कंपनियां है जो संदेश के आदान-प्रदान की सुविधा उपलब्ध कराती है तो कुछ ऐसी भी है जो इसके साथ-साथ पोस्ट बॉक्स की तरह ईमेल का पता भी देती हैं। ऐसी संस्थाओं पर अपना स्थाई ईमेल पता रखा जा सकता है जो इनके सर्वर पर सुरक्षित रहता है। ई-मेल के अधिक प्रयोग होने के कारण ही कंपनियां ईमेल भेजने के लिए शुल्क लेने लगी है।

नि:शुल्क सुविधा प्रदान करने वाली कंपनियां इसमें कुछ सुविधा में कटौती कर देती है। Yahoo.com, Hotmail.com, Rediff mail.com, Gmail.com ऐसी साइट है जो निशुल्क ईमेल संसार की सुविधाएं प्रदान करती है। जो किसी कारणों से अपनी ईमेल पते निरंतर बदलते रहते हैं उनके लिए डाक विभाग की तरह ई-मेल में भी ऐसी सुविधाएं हैं कि जिसमें पुराने पते पर आई हुई मेल नए पते पर आ जाती है इसके लिए आपको इंटरनेट पर एक मेल सेवा (Forwarding Mail Service) पर जाकर अपना विवरण देते हुए पुराना पता और नया पता भर देने से आपको ये सुविधा प्राप्त हो जाती है।

वैसे तो आजकल हर जगह ईमेल पते की आवश्यकता होती है परंतु जिन व्यक्तियों के पास अपना ईमेल पता नहीं है वहां ईमेल अकाउंट कुछ इस प्रकार बना सकते हैं।

इसे जरूर पढ़े- डिजिटल क्रांति निबंध हिंदी में – Digital Kranti Essay In Hindi

अपना ईमेल खाता खोलने के लिए अपने व्यक्तिगत कंप्यूटर को इंटरनेट से जोड़ ले या इंटरनेट कैफे पर जाकर कंप्यूटर पर ब्राउज़र में उस वेब ठिकाने पर जाएं जिसकी ईमेल सुविधा प्राप्त करना चाहते हैं। उदाहरण के लिए जैसे आप gmail.com पर जाकर नया खाता खोलें (create a new account) पर क्लिक कीजिए, वहां आपके सामने एक आवेदन पत्र आ जाता है उस आवेदन पत्र में पूछे जाने वाली जानकारी को उस पत्र में भर दे, जानकारी भरने के बाद Log In Name और पासवर्ड भरना होता है, आप अपना लॉगिन नेम बना ले और अपने द्वारा एक पासवर्ड डाल दें, आपका अकाउंट बन जाएगा आप लॉगइन नेम और पासवर्ड की सहायता से किसी भी कंप्यूटर पर अपना अकाउंट लॉगिन कर सकेंगे।

गणेश चतुर्थी से जुड़े 10 अनोखे तथ्य – Facts On Ganesh Chaturthi 2021

गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रसिद्ध त्यौहार है, गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा (गणेश जी) का सभी धर्म के लोग बड़ी धूम धाम से स्वागत करते हैं। भारत के सभी हिस्सों में बप्पा का स्वागत किया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र राज्य में गणेश जी का स्वागत देखने लायक होता है महाराष्ट्र के पुणे का गणेशोत्सव जगत्प्रसिद्ध है। शिवपुराण के अनुसार इस दिन पार्वतीनंदन गणेश जी का जन्म हुआ था। इन दिनों बहुत प्रमुख जगहों पर गणेश जी की बड़ी विशाल प्रतिमा स्थापित की जाती है।\

गणेश चतुर्थी पर 10 तथ्य –

#1. गणेश चतुर्थी हिंदुओ का प्रसिद्ध त्योहार है, जो की बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है। सभी भक्त बप्पा का स्वागत ढोल नगाड़े बजाकर नाचते हुए करते है, लोग बड़ी धूम धाम से बप्पा का स्वागत करते है। और बप्पा के मंडप को फूलों और लाइटों से सजाया जाता है।

#2. शिवपुराण के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी को गणेश जी का जन्मदिवस बताया गया है, इस दिन ऐसा बताते है कि इन 10 दिनों तक भगवान गणेश स्वयं पृथ्वी पर आकर अपने भक्तो के साथ रहते है।

#3. रोजाना सुबह शाम बप्पा की विशाल आरती होती है, और बप्पा को प्रसाद के रूप में मोदक और लड्डू का भोग चढ़ाया जाता है। जिसमे बड़ी संख्या में आस पास के लोग आरती में सामिल होते हैं।

#4. यहां 10 दिवस का एक विशाल महोत्सव होता है। जिसे लोग त्यौहार की तरह मानते है।

#5. गणेश हिंदूओ के आराध्य देव है हिंदू धर्म में गणेश जी को एक विशेष स्थान प्राप्त है, सभी प्रकार के धार्मिक उत्सव जैसे यज्ञ, पूजन आदि में गणेश जी की आराधना सबसे पहली की जाती है।

#6. भगवान गणेश सुख, समृद्धि, बुद्धि का प्रतीक है। इस कारण हम जब भी कोई नया कार्य शुरू करते है तो गणेश जी की पूजा सबसे पहले की जाती है।

#7. गणेश चतुर्थी का उत्सव यूं तो संपूर्ण भारत में मनाया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र में गणेश जी आगमन बड़े उत्साह से किया जाता है।

#8. गणेश चतुर्थी के दिन लोग बप्पा को अपने घर लाते है और उनका स्वागत बड़ी धूम धाम से करते है। इसके अलावा गणेशोत्सव का आयोजन सार्वजनिक जगहों पर किया जाता है।

#9. मराठा पेशवाओं ने गणेशोत्सव को बढ़ावा दिया था, मराठा राजा शिवाजी महाराज गणेश जी के भक्त थे।
पहले गणेश जी की पूजा केवल अपने अपने घरों में होती थी, देश की आजादी के समय बाल गंगाधर तिलक ने सभी धर्मो के लोगो को एकत्रित करने के लिए गणेशोत्सव का आयोजन किया था, जिसमे सभी धर्म, जाति के लोग हजारों की संख्या में एकत्रित होते थे, और वो एक जरिया बना देश की आजादी के लिए। और इस वर्ष के बाद से ही प्रतिवर्ष गणेशोत्सव आयोजित होने लगा।

#10. लोग 9 दिनों तक अपने घरों और मंदिरों में बप्पा की खूब सेवा करते है, और 10 वे दिन जिसे अनंत चतुर्थी कहते है इस दिन लोग डोल नगाड़े और बाजे बजाते हुए गणेश जी की प्रतिमा को “गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ” बोलते हुए गणपत जी का किसी नदी या तालाब आदि जल में विसर्जित किया जाता है।

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शिक्षक दिवस पर निबंध – Essay On Teachers Day (500 Words)

शिक्षक दिवस हमारे देश में प्रतिवर्ष 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म-दिवस के अवसर पर मनाया जाता है, शिक्षक दिवस हमारे देश में ही नहीं बल्कि कई सारे देशों में मनाया जाता है जैसे अमेरिका के मई के पहले मंगलवार को ‘नेशनल टीचर्स डे’ मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस पर निबंध 500 Words – Essay On Teachers Day (500 Words)

दुनिया भर के शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए अलग-अलग देशों में अलग-अलग दिन शिक्षक दिवस मनाया जाता है, हमारे देश में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन की शिक्षा, ज्ञान-कौशल, वह शिक्षा प्रेम के कारण मनाया जाता है, इस दिन विद्यालय का कार्यभार विद्यार्थियों को सौंप दिया जाता है, और सभी विद्यार्थी अपने गुरु का सम्मान करने के लिए अच्छे अच्छे कार्यक्रम तैयार करते हैं।

शिक्षा का महत्व संपूर्ण विश्व में स्वीकार किया जाता रहा है। इस कारण हमारी भारतीय संस्कृति में भी शिक्षक (गुरु) के महत्व को सबसे बड़ा माना गया है।

शिक्षक दिवस हमारे देश में 5 सितंबर को मनाया जाता है इस दिन प्रत्येक व्यक्ति अपने गुरु का सम्मान करते है उनका आदर करते है, शिक्षक दिवस हमारे देश में ही नहीं अपितु पूरी दुनिया में मनाया जाता है, जैसे हमारे यहां 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है वहीं अमेरिका में मई के महीने के पहले मंगलवार को ‘नेशनल टीचर्स डे’ मनाया जाता है, चीन में शिक्षक दिवस 1 सितंबर के दिन मनाया जाता है, ब्रुनेई में प्रतिवर्ष 23 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, वेनेजुएला में 15 जनवरी को, कोरिया में 15 मई को तथा ताइवान में 28 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

हमारे देश के महान शिक्षक डॉ राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को मद्रास के तिरुपति नामक गांव में हुआ था। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन में कई परेशानियों का सामना किया था। डॉ राधाकृष्णन भाग्य से ज्यादा कर्म में विश्वास रखते थे। वे आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्यापक थे, वह दर्शनशास्त्र की शिक्षा देते थे। सन् 1952 में वे देश के पहले उपराष्ट्रपति चुने गए और 10 वर्षों तक उपराष्ट्रपति के पद पर रहे। और 13 मई 1962 को इन्हे देश का दूसरा राष्ट्रपति चुना गया, ये राष्ट्रपति पद पर 13 मई 1967 तक रहे।

सादगी से जीवनयापन करने वाले डॉ. राधाकृष्णन को बच्चों से बहुत स्नेह था, डॉ राधाकृष्णन ने अपने जीवन के 40 वर्ष अध्यापक करते हुए व्यतीत किए थे, उन्हें पुस्तकों से भी अधिक लगाव था।

आपके लिए –

देश आजाद होने के बाद जब उच्च शिक्षा की नई व्यवस्था की स्थापना का सवाल आया, तब तत्कालीन शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद ने शिक्षा आयोग की नियुक्ति की योजना बनाई। उस दौरान शिक्षा आयोग का अध्यक्ष डॉ राधाकृष्णन को चुना गया। इस पद के लिए डॉ राधाकृष्णन से सर्वाधिक योग्य कोई नहीं था।

सन 1950 में शिक्षा आयोग की रिपोर्ट प्रकाशित हुई और आज भी भारत की शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद वही रिपोर्ट बनी हुई है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने हमेशा देश की सेवा निस्वार्थ भाव से की थी, वह एक राष्ट्रभक्त थे, और इसी तरह देश की सेवा करते हुए 16 अप्रैल 1975 को डॉ. राधाकृष्णन का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। भारत के साथ साथ पश्चिमी देशों में भी भारतीय परचम लहराने वाले डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्ण का नाम एक महान शिक्षक के रूप में सदैव याद रखा जाएगा। वे प्रत्येक शिक्षक व छात्र के लिए एक प्रेरणा स्तोत्र है।

तो ये था शिक्षक दिवस पर निबंध आशा करते है, यह आपको पसंद आया होगा।

e-RUPI क्या है? जानिए ये क्या काम करता करता है और इसके फायदे क्या है ?

e-RUPI New Digital Currency

ई-रूपी एक डिजिटल पेमेंट का जरिया है, डिजिटल पेमेंट को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2021 को ई-रूपी (e-RUPI) की शुरुआत की है। ई-रूपी कैशलैस की जनझट को पुर्णता समाप्त कर देगा। ई-रूपी डिजिटल रूप से काम करता है, व नेट बैंकिंग को सरल बनाता है।

ई-रूपीई-रूपी क्या है (what is e-RUPI)

भारत सरकार द्वारा डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में e-RUPI के रूप में एक नया प्लेटफार्म लांच किया गया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त को देश से अवगत करवाया था, ई-रूपी को पूरी तरह से कैशलेस बनाया गया है। यह पूरी तरह से QR Code और SMS पर आधारित ई-वाउचर है, ई-रूपी की डोर भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NCPI) संभालता है।

इसमें न ही केश का उपयोग होता है, न ही ऑनलाइन पेमेंट की तरह इसका इस्तमाल किया जाता है, ये एक गिफ्ट वाउचर, या कूपन की तरह काम करता है।

ई-रूपी कैसे काम करता है (How does e-RUPI work)-

ई-रूपी ई-वाउचर की तरह काम करता है, वर्तमान समय में इस्तेमाल हो रहे नेट सुविधा, डिजिटल पेमेंट, कार्ड सुविधा, पेमेंट ऐप, और यूपीआई जैसे अन्य भुगतान माध्यमों से इसे पूर्णत अलग बनाया गया है। ये एक गिफ्ट वाउचर के रूप में होता है, विशेष स्थानों पर इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।

इस प्रक्रिया में लाभार्थी की पहचान मोबाइल नंबर के जरिए होगी और सर्विस प्रोवाइडर को बैंक एक वाउचर आवंटित करेगा जो एक विशेष व्यक्ति के नाम पर होगा जो उस शख्स को डिलीवर होगा।

ई-रूपी को इसलिए बनाया गया है की सरकार द्वारा लाभार्थियों को जिस कार्य के लिए सुविधा प्रदान की है, लाभार्थि उसी कार्य के लिए उस राशि का उपयोग कर सके। अन्य कार्यो में नहीं। और साथ ही उस सुविधा का उपयोग लाभार्थियों के अलावा और कोई न कर सके।

उदाहरण – जैसे अगर किसी व्यक्ति को बीज या खाद खरीदने के लिए सरकार द्वारा कोई सुविधा दी गई है तो वो व्यक्ति केवल बीज या खाद खरीदने में ही उस सुविधा का उपयोग कर सकेगा। इसके लिए सरकार उस व्यक्ति को एक विशेष प्रकार का QR Code या SMS प्रदान करती है जो एक वाउचर की तरह होता है और उसी प्रकार का मैच होता हुआ QR Code या SMS खाद, बीज के दुकानदार को भेजा जाता है, जब भी किसान उस QR Code को दुकानदार के QR Code से स्कैन करता है और वो स्कैन मैच होता है तो ही दुकानदार आपको जितने रुपियो का वाउचर होता है उतने का दुकानदार आपको समान दे देता है। अगर आप उस वाउचर का उपयोग दूसरे काम के लिए करते है तो वो वाउचर वहां काम ही नहीं करेगा, यही इस वाउचर की खासियत है और इसी लिए इसे बनाया गया है।

इससे सम्बंधित-

ई-रूपी के क्या फायदे (Benefits of e-RUPI)-

  • ई-रूपी के उपयोग से सरकार द्वारा दी गई सुविधा का लाभ केवल लाभार्थिय ही उठा सकेंगे।
  • ई-रूपी का इस्तेमाल शिशु व माँ वेलफेयर स्कीम, व कई तरह के इलाज, दवाओं व आयुष्मान भारत जैसी स्कीमों में इसका उपयोग किया जा सकता है।
  • जिस कार्य के लिए वाउचर दिया जाएगा वाउचर केवल उसी सेवा के लिए इस्तमाल हो सकेगा।
  • ई-रूपी का किसी ऐप या कोई भी पेमेंट कार्ड के बिना इसका इस्तमाल किया जा सकता है।
  • इसका उपयोग सरकारी व निजी अस्तपाल में आसानी से किया जा सकेगा।

उदयपुर, राजस्थान में देखने लायक सबसे अच्छी जगहें -उदयपुर में कहा कहा घूमे

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उदयपुर: राजस्थान का अधिकांश भाग मरुस्थल की विशेषताओं से युक्त है। इसमें मोती समान स्वच्छंद झीलों, विशाल एवं भव्य महल तथा सघन प्राकृतिक सौंदर्य से संपन्न उदयपुर नगरी मरुस्थल में मृगतृष्णा जैसा प्रतीत होता है।

अरावली पर्वत श्रेणियों से घिरे इस हरे-भरे शहर की सुंदरता का श्रेय महाराणा उदय सिंह जी को जाता है, महाराणा उदय सिंह जी ने सन् 1959 मैं चित्तौड़ के पतन के पश्चात उदयपुर को अपनी नई राजधानी बनाने के लिए उपयुक्त स्थान समझा। यहां सुंदर शहर ‘झीलों की नगरी’ तथा ‘पूर्व का वेनिस’ आदि नामों से भी जाना जाता है। अपने प्राकृतिक सौंदर्य एवं सम्पदा, ऐतिहासिक दुर्ग व महल तथा वीरों की शौर्य गाथाएं आज भी रोमांचित करती है।

उदयपुर में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहे!

सिटी पैलेस:-
पिछोला झील के किनारे संगमरमर और ग्रेनाइट पत्थर का बना यह भव्य महल बहुत पुराना एवं आकर्षक है। यह राजस्थान का सबसे बड़ा महल माना‌ जाता है। यह अपनी उत्कृष्ट शिल्प कला के कारण विख्यात है। महल का दक्षिणी भाग को भव्य खुबसूरत होटल में परिवर्तित किया गया है।

लेक पैलेस:-
पिछोला झील के मध्य में बना यहां अति सुंदर महल आजकल आलीशान आरामदायक होटल है। सफेद पत्थर से बना यह पैलेस का निर्माण महाराणा जगत सिंह द्वितीय ने 1743 में करवाया था जिसका कार्य पूरा हुआ 1746 में, महाराणा जगत सिंह ने इस पैलेस निर्माण गर्मियों के दिनों में रहने के लिए करवाया था, इसे जग निवास कहा जाता था। जिसे 19 वीं शताब्दी में इसे होटल के रूप में परिवर्तित कर दिया गया, जहां ज्यादातर कपल्स घूमने के लिए आते हैं

पिछोला झील:-
यह शहर की एक महत्वपूर्ण झील है। पिछोला गांव के निकट इस झील का निर्माण 14 शताब्दी में राणा लाखा के काल में करवाया था। यह झील 696 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है, जिसकी गहराई करीब 8.5 मीटर है।
पिछोला झील महलों, पहाड़ियों, बागो, तथा छतरियों से घिरी हुई है। किसी झील के मध्य में 2 द्वीपों पर जगमंदिर वह जग निवास महल बने हुए हैं। यहां झील के पानी की कृतिम झील जिससे शहर में पानी सप्लाई होता है।

मेवाड़ समारोह:-
उदयपुर में बसंत ऋतु में प्रत्येक मार्च/अप्रैल माह में गणगौर का रंगीला त्यौहार मेवाड़ समारोह के रूप में मनाया जाता है।

आयड़:-
ईसा से 4000 वर्ष पूर्व के सादरी प्रागैतिहासिक काल के खण्डहर यहां पाए गए हैं। यह मेवाड़ की पुरानी राजधानी थी

हल्दीघाटी:-
यहां प्रसिद्ध रणभूमि उदयपुर शहर से 40 किलोमीटर की दूरी पर है। राणा प्रताप सिंह ने यहां 1576 में मुगलों से युद्ध किया था। यहां उनका स्वामी भक्त घोड़ा चेतक, जो घायल व खून से लथपथ होते हुए भी अपने स्वामी राणा प्रताप को घायल अवस्था में यहां तक सुरक्षित लाया था, चेतक कि यहां छतरी है।

एकलिंग जी:-
मंदिर में एकलिंग जी का मंदिर है जो कि मेवाड़ के राणा के कुलदेवता है जोकि उदयपुर से 21 वर्ग किलोमीटर दूर नागद्वार सड़क पर स्थित है।

चावन्ड:-
राणा प्रताप ने अपने जीवन काल का अंतिम समय इसे छोटे से गांव में व्यतीत किया था। उनका ध्वस्त महल, चामुंडी देवी का मंदिर तथा उनकी स्मृति में बनाई गई छतरी भी दर्शनीय है।

कांकरोली:-
उदयपुर से 65 किलोमीटर दूर यहां झील के किनारे बसा हुआ है। कांकरोली में भगवान कृष्ण के मंदिर, दयाल शाह की उत्कृष्ट खुदाई, संगमरमर की सीढ़ियां, अपने सुंदर महलों एवं नौचोकिया के लिए प्रसिद्ध है।

ऋषभ देव:-
उदयपुर से 65 किलोमीटर दूर अहमदाबाद रोड पर भगवान ऋषभदेव का 15 वी शताब्दी में बना मंदिर प्रसिद्ध है जहां हिंदू एवं जैन दर्शनार्थ जाते हैं।

रणकपुर:-
जैन धर्म के इस मुख्य तीर्थ स्थल में तीन-मंजिला चौमुखा मंदिर विशेष महत्व का है, किसमें 1444 स्तंभों के आधार पर निर्मित 80 गुंबदों मैं की गई कलापूर्ण नक्काशी दर्शनीय है। मंदिर के अन्दर आदिनाथ जी की भी प्रतिमा है।

कुंभलगढ़:-
राणा कुंभा द्वारा बनवाए गए 15 वी शताब्दी में निर्मित प्रसिद्ध दुर्गा महल दर्शनीय है।

मीराबाई चानू के संघर्ष की कहानी – Mirabai Chanu Struggle Story

Mirabai Chanu Bio In Hindi

साइखोम मीराबाई चानू एक भारतीय महिला भारोत्तोलक (Weightlifter) है। मीराबाई का जन्म 8 अगस्त 1994 को इम्फाल, मणिपुर में हुआ था।

मीराबाई चानू की कहानी – MiraBai Chanu Story

मीराबाई ने अभी हाल ही में आयोजित हुए 2021 टोक्यो ओलंपिक में इन्होंने 49 kg वर्ग में रजत पदक (Silver Medal) जीता है। और पूरे देश का नाम रोशन किया है।

टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए भारोत्तोलन (Weightlifting) में सिल्वर मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू पहली भारतीय महिला है। मीराबाई चानू को भारतीय खेल में योगदान के लिए भारत सरकार से पद्म श्री एवं राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है।

साइखोम मीराबाई चानू टोक्यो ओलंपिक में भारत की और से भाग लेने वाली एक मात्र वेट लिफ्टर थी, इन्होंने 49 kg वर्ग में सिल्वर मेडल जीता है, और वही गोल्ड मेडल जीता है चाइना की ज़िहुई होउ ने।

मीराबाई का प्रदर्शन टोक्यो में इस प्रकार रहा, पहला प्रयास में मीराबाई ने 84 किलोग्राम वजन उठाने का प्रयास किया और इसमें सफल रही, दूसरे प्रयास में मीराबाई ने 87 किलोग्राम वजन उठाने का प्रयास किया और वो इसमें भी सफल रही। परंतु तीसरे चरण में मीराबाई ने 89 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की ओर इसमें मीराबाई असफल हो गई।

मीराबाई ने क्लीन और जर्क श्रेणी में 115 किलोग्राम वजन उठाया, टोक्यो ओलंपिक में मीराबाई का कुल स्कोर 87+115=202 किलोग्राम रहा और गोल्ड मेडल विजेता ज़िहुई होउ का कुल स्कोर 94+116=210 किलोग्राम रहा।

इसी साल अप्रैल में आयोजित हुए एशियन चैंपियनशिप में मीराबाई ने क्लीन एंड जर्क श्रेणी में 119 kg वेट लिफ्ट करकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।

मीराबाई भारत की दूसरी एथलीट है जिन्होंने वेट लिफ्टिंग में भारत के लिए कोई पदक जीता है। इससे पहले सन् 2000 में कर्णम मल्लेश्वरी ने कांस्य पदक जीता था, और ये भारत के लिए पहली वेट लिफ्टर थी जिन्होंने वेट लिफ्टिंग में भारत के लिए पहली बार कोई पदक जीता था। मीराबाई भारत की केवल दूसरी महिला है जिन्होंने वेट लिफ्टिंग में पदक हासिल किया है। मीराबाई नए पीढ़ी के लिए एक इंस्प्रेशन है।

Mira Bai Chanu Struggle Story – मीराबाई के संघर्ष की कहानी

मीराबाई ने टोक्यो में हुई अपनी जीत का श्रेय अपनी फैमिली, खासकर अपनी मां और अपने कोच रवि शर्मा को दिया।

मीराबाई ने अपनी जीत का श्रेय इंडियन रेलवे को दिया, मीराबाई इंडियन रेलवे की एथलीट है, इन्होंने रेलवे में चीफ टिकट इंस्पेक्टर के रूप में ज्वाइन किया था। सन् 2018 में इन्हे ऑफिसर बना दिया गया।

मणिपुर की राजधानी इम्फाल से 20 km दूरी पर स्थित नोंगपोक काकचिंग गांव की रहने वाली है मीराबाई चानू, यहां इनका जन्म 8 अगस्त 1994 को एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम साइकोहं कृति मैतेई है जो की लोक निर्माण विभाग (PWD) में काम करते है, और इनकी माता का नाम साइकोहं ऊँगबी तोम्बी लीमा है जो की एक दुकान संभालती है।

मीराबाई बताती है कि उनके घर में चूल्हे पर खाना बनाया जाता था इसलिए मीराबाई जंगल में जाकर लकड़ियां लाती थी और वे उनके भाई के मुकाबले ज्यादा वजन उठाती थी।

मीराबाई वेट लिफ्टिंग के लिए कुंजरानी देवी से इंस्पायर्ड है, कुंजरानी देवी मणिपुर की एक फेमस वेट लिफ्टर है जिन्होंने कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक जीते है। इन्ही को देखकर मीराबाई ने वेट लिफ्टिंग की ट्रेनिग ली थी।

मीराबाई को वेट लिफ्टिंग के बारे में कोई खास जानकारी नहीं थी, इनको अंतर्राष्ट्रीय कोच अनीता चानू ने इन्हें वेटलिफ्टिंग से परिचित करवाया, ट्रेनिंग सेंटर इनके गांव से 22 किलोमीटर की दूरी पर था और रोज इन्हें ट्रेनिंग सेंटर पर 6 बजे पहुंचना होता था, इसके लिए इन्हें सुबह-सुबह दो बस बदलकर जाना पड़ता था। रोज सुबह जाकर इन्हें प्रैक्टिस करनी होती थी।

लगभग 6 साल कड़ी मेहनत के बाद स्कॉटलैंड में आयोजित हुए 2016 में कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई ने सिल्वर मेडल जीता लिया था।

2016 में जब रियो में आयोजित हुए ओलंपिक में इन्होंने राष्ट्रीय सिलेक्शन ट्रायल में 12 साल पुराना रिकॉर्ड तोड दिया था, इसके बाद इन्हें सबसे अच्छा कैंडिडेट माना जा रहा था, परंतु जब इन्होंने वेट को लिफ्ट किया था तो जजेस का कहना था कि इन्होंने एक भी वेट लिफ्ट सही से नही किया था और इन्हे DNF (did not finish) के टैग के साथ घर लौटना पड़ा था। इनकी आंखों में उस समय आंसू थे इतनी मेहनत के बाद इतना खराब प्रदर्शन के बाद भी मीराबाई ने हार नहीं मानी और 1 साल बाद 2017 में अमेरिका वर्ल्ड चैंपियनशिप में इन्होंने गोल्ड मेडल जीता था।

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मीराबाई चानू के पुरुस्कार

ऑस्ट्रेलिया में 2018 में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई ने 48 वर्ग की श्रेणी में न केवल गोल्ड मेडल जीता था बल्कि सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।

इन्हे साल 2018 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से भी इन्हे सम्मानित किया जा चुका है।

तो ये थी मीराबाई चानू की कहानी आशा करते इस कहानी ने आपको कुछ करने के लिए प्रेरित किया होगा, ध्यान रखे जीवन में मुश्किल तो आती रहेगी पर आपको लगे रहना है, चाहे हो कुछ हो जाए।

नीरज चोपड़ा बायोग्राफी-NEERAJ CHOPRA BIOGRAPHY IN HINDI

NEERAJ CHOPRA BIOGRAPHY IN HINDI

1st Gold For India Tokyo Olympic

2021 टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपडा ने गोल्ड मेडल किया अपने नाम। टोक्यो ओलंपिक में ये भारत का पहला गोल्ड मेडल है, Neeraj Chopra ने भाला फेंक प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है। नीरज ने केवल 23 वर्ष की उम्र में ही 5 से ज्यादा स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिए है।

नीरज चोपड़ा का जीवन परिचय – Neeraj Chopra Biography

नीरज चोपड़ा का व्यक्तिगत जीवन

नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को खंडवा, हरियाणा में हुआ था, नीरज एक भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलीट प्रतिस्पर्धा में भाला फेंकने वाले खिलाड़ी हैं, नीरज को भारतीय सेना में एक सूबेदार अधिकारी नियुक्त किया गया था।

नीरज चोपड़ा हरियाणा राज्य के पानीपत जिले के खंडरा गांव के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई डीएवी कॉलेज चंडीगढ़ से की है।

Neeraj Chopra Career

नीरज चोपड़ा ने 2021 टोक्यो ओलंपिक में 87.58 मीटर भाला फेंककर गोल्ड मेडल जीता था, नीरज चोपड़ा ने विश्व चैम्पियनशिप स्तर पर एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी है।

2013 में नीरज चोपड़ा ने पहेली बार अपना अंतरराष्ट्रीय खेल खेला था, 2013 में आयोजित हुए विश्व युवा चैंपियनशिप डोनेट्स्क, यूक्रेन में 66.75 मीटर भाला फेंकने पर इनकी 19वीं रेंक आयी थी।

नीरज चोपड़ा ने 2021 टोक्यो ओलंपिक में 7 अगस्त 2021 को भाला फेंक प्रतियोगिता में 87.58 मीटर भाला फेककर गोल्ड मेडल जीता है।

2018 मई में नीरज दोहा डायमंड लीग में 87.43 मीटर भाला फेंककर रिकॉर्ड तोड़ा था।

2017 एशियाई एथलेटिक चैंपियनशिप में नीरज ने 85.23 मीटर भाला फेंककर एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।

नीरज ने 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में नीरज ने 82.23 मीटर भाला फेंककर गोल्ड मेडल जीता था।

नीरज ने पोलैंड के ब्यडगोस्ज़कज़ में आयोजित हुए 2016 IAAF विश्व U20 चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के साथ साथ विश्व जूनियर रिकॉर्ड भी बनाया था।

नीरज चोपडा ने 86.47 मीटर भाला फेंककर राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) में अपना नाम दर्ज किया था, इसी के साथ निरज न केवल राष्ट्रमंडल खेलों में अपने पदार्पण पर गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय एथलीटों की एक विशिष्ट सूची में शामिल हो गए, बल्कि राष्ट्रमंडल खेलों में भाला फेंक प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाले नीरज पहले भारतीय भी बन गए।

नीरज चोपड़ा के बारे में-

नीरज की Caste कोनसी है – चोपड़ा (Chopra )

नीरज चोपड़ा की उम्र(Age) क्या है – 23 वर्ष (Years)

नीरज चोपड़ा कहा रहते है – हरियाणा राज्य के पानीपत जिले के खंडरा गांव में

नीरज चोपड़ा कहां तक पढ़े हुए हैं उनकी पढ़ाई कहां तक हुई है – डीएवी कॉलेज चंडीगढ़

नीरज चोपड़ा का राज्य कोनसा है – हरियाणा 

नीरज चोपड़ा धर्म कोनसा है – हिन्दू धर्म

नीरज चोपड़ा की हाइट कितनी है – 178 CM / 6 ft

नीरज चोपड़ा का वजन कितना है – 86 kg

Neeraj Chopra Awards

23 वर्षीय नीरज चोपड़ा जिन्होंने भाला फेंक प्रतियोगिता में कई स्वर्ण पदक जीतकर कई बार देश का नाम रोशन किया है, इन्हे भारतीय खेल में योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

नीरज को भारतीय सेना की ओर से विशिष्ट सेवा मैडल से सम्मानित किया गया है।

2021 में स्वर्ण पदक जीतने पर इन्हें भारत सरकार द्वारा 75 लाख रुपए की राशि और हरियाणा राज्य की ओर से 6 करोड़ रुपए की राशि इन्हे भेट की है।

नीरज चोपड़ा के बारे में पूछे जाने वाले प्रशन 

Q.नीरज चोपड़ा को भारत सरकार द्वारा कितने पैसे मिले ?
Ans. नीरज को भारत सरकार द्वारा 75 लाख रुपये मिले है।

Q. नीरज चोपड़ा को हरयाणा सरकार द्वारा कितने पैसे मिले है ?
Ans. नीरज को हरयाणा सरकार द्वारा 6 करोड़ रुपये मिले है।

Q. क्या नीरज चोपड़ा राजपूत है
Ans. नहीं

तो ये थी Neeraj Chopra Biography In Hindi आशा करते है इनकी कहानी ने आपको कुछ बड़ा करने के लिए उत्साहित किया होगा, Post अच्छा लगा हो तो Share जरूर करे।

राष्ट्र निर्माण में महिलाओं का योगदान निबंध

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राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका निबंध

किसी भी राष्ट्र के निर्माण में उस राष्ट्र की आधी आबादी अर्थात् नारी की भूमिका की महानता को भुलाया नही सकता। आज हमारे घर और देश को नारी ही चला रहीं है। ये सब हम अच्छे से जानते है की हमारे देश में महिलाओं का अभी तक क्या योगदान रहा है।

हमारे यहाँ शास्त्रों में कहा गया है कि –
‘यत्र नार्यस्तु पूजयंते रमंते तत्र देवताः’
अर्थात् जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है।

नारी एक बच्चे को 9 महीने तक कोख में रखती है फिर उसे इस दुनिया में लाती है और जिंदगी भर उससे प्यार करती है। नारी दुनिया के सभी रिश्तो को संभालती है नारी अपने बच्चों की मां होती है, अपने भाई की बहन है, एक पति की पत्नी है, नारी अपना हर फर्ज अच्छे से अदा करती है।

शादी से पहले नारी अपने माता पिता की सेवा करती है, ओर शादी के समय नारी अपना घर छोड़कर पराए घर में जाती है और उस घर को अपना घर बना लेती है। वो रोज सुबह सुबह उठकर घर की साफ सफाई करती है, घर में खुशहाली लाती है, नारी पूरे घर के सदस्यों का ख्याल अच्छे से रखती है।

भारत के विकास में नारी का योगदान-

भारत की कुल जनसंख्या में लगभग 39% कार्यशील जनसंख्या है, जिसमें लगभग एक-चौथाई महिलाएँ हैं। कृषि प्रधान भारत देश में कृषि कार्य में सक्रिय भूमिका अदा करते हुए स्त्रियाँ प्रारंभ से ही अर्थव्यवस्था का आधार रही हैं, लेकिन समाज में स्त्री की आर्थिक गतिविधियों को हमेशा से ही उचित रूप से मूल्यांकित नहीं किया गया है।

आधुनिक युग में कुछ समाज सुधारकों के प्रयास ने महिलाओं की स्थिति में धीरे धीरे सुधार लाना प्रारंभ किया, जिसके परिणाम से राष्ट्र की समुचित प्रगति में महिलाओं का नाम निरंतर आगे आ रहा है।

वर्तमान समाज में नारी का योगदान-

आज स्त्रियों ने अनेक सामाजिक आर्थिक कठिनाइयों को पार करते हुए नई नई बुलंदियों को छुआ है। घर की ज़िम्मेदारियाँ तो वे सदियों से निभाती आ रही हैं, अब उन्होंने स्वयं को बाहर की दुनिया में भी दृढ़ता से स्थापित किया है। चिकित्सा का क्षेत्र हो या इंजीनियरिंग का, सिविल सेवा का क्षेत्र हो या बैंक का, पुलिस हो या फौज़, वैज्ञानिक हो या खेल का क्षेत्र, प्रत्येक क्षेत्र में अनेक महत्त्वपूर्ण पदों पर स्त्रियां आज सम्मान के साथ आसीन हैं।

मैरी कॉम, किरण बेदी, कल्पना चावला, मीरा नायर, मीरा कुमार, मलाला यूसुफजई, मेनका गांधी, बछेद्री पाल, संतोष यादव, सानिया मिर्जा, सायना नेहवाल, पीटी उषा, कर्णम मल्लेश्वरी, पीवी सिंधु, गीता फोगट ओर अभी हाल ही में हुए टोक्यो 2021 में रजत पदक विजेता मीरा बाई चानू आदि की क्षमता एवं प्रदर्शन को भुलाया नहीं जा सकता। आज नारी पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं और देश को आगे बढ़ा रही हैं।

सुभाषचंद्र बोस ने भी कहा है-

ऐसा कोई भी कार्य नहीं, जो हमारी महिलाएँ नहीं कर सकतीं और ऐसा कोई भी त्याग और पीड़ा नहीं है, जो वे सहन नहीं कर सकतीं

स्त्रियों की स्थिति में सुधार की आवश्यकता-

यद्यपि महिलाओं ने अनेक क्षेत्रों में प्रगति की है, परंतु महिलाओं का अभी बहुत कुछ करना शेष है। आज भी स्त्री की उपेक्षा का सिलसिला उसके जन्म के साथ ही शुरू हो जाता है। पितृसत्तात्मक सामाजिक संरचना के कारण हमें हर स्तर पर उनकी दशा सुधारने के लिए प्रयास करने चाहिए। आज भी अधिकांश भारतीय स्त्रियाँ वेतनभोगी होते हुए भी आर्थिक दृष्टि से पुरुषों पर आश्रित बनी हुई है।

उपसंहार – राष्ट्र निर्माण में नारी का योगदान-

सिर्फ कानूनी प्रावधान ही महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि लोगों की मनोवृत्ति में परिवर्तन लाने की भी अत्यंत आवश्यकता है । आवश्यकता इस बात की भी है कि भारतीय समाज महिलाओं को उनका उपयुक्त स्थान दिलाने के लिए आगे आए।

बॉलीवुड की 10 सुपरहिट कॉमेडी फिल्में – 10 Best Bollywood Comedy Films

सबसे अच्छी कॉमेडी फिल्में

आज हम आपको बताने जा रहे हैं भारत में बनी ऐसी 10 सबसे बेस्ट कॉमेडी फिल्में जो आपको हंसा हंसा कर लोटपोट कर देगी।

Best Comedy Films Of All Time – Best Comedy Movies Bollywood 2000 to 2019

#10. BHOOL BHULAIYAA 2007

2007 में निर्देशक प्रियदर्शन द्वारा बनी फिल्म Bhool Bhulaiyaa एक हॉरर कॉमेडी फिल्म जोकि 1993 Malayalam में बनी Manichitrathazhu फिल्म के ऊपर बनी हुई है।

इस फिल्म के मुख्य अभिनेता अक्षय कुमार, विद्या बालन, राजपाल यादव, प्रवेश रावल, अमीषा पटेल, मनोज जोशी, और असरानी जैसे कई बड़े कलाकार शामिल है।

यहां फिल्म एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है, इस फिल्म की कहानी तो आपको फिल्म देख कर ही पता चलेगी इस फिल्म को जहां एक और हॉरर मूवी बताया गया है वहीं दूसरी तरफ इसमें कॉमेडी भरपूर है अक्षय कुमार, परेश रावल, और राजपाल यादव की जोड़ी ने खूब धूम मचाया है।

30 करोड रुपए में बनी इस फिल्म ने पूरे भारत से 52 करोड़ रुपए का बिजनेस किया था व पूरी दुनिया भर से 84 करोड़ का बिजनेस किया था।

#9. BHAGAM BHAG, 2006

प्रियदर्शन द्वारा ही बनी 2006 की मूवी भागम भाग एक कॉमेडी मूवी है, इस मूवी की मुख्य भूमिका में है, प्रवेश रावल, अक्षय कुमार सुपरस्टार गोविंदा, लारा दत्ता, जैकी श्रॉफ, शक्ति कपूर, और राजपाल यादव जैसे कई और दिग्गज अभिनेता शामिल है।

इस फिल्म के निर्माता अभिनेता सुनील शेट्टी, धवल जटा निया और धीलीन मेहता हे, इस फिल्म की कहानी शुरू होती है भारत में जो कि प्रवेश रावल की मंडली नाटक ड्रामा करती है जो नाटक की हीरोइन हे वह अक्षय कुमार और गोविंदा के गलत व्यवहार की वजह से नाटक छोड़ कर चली जाती है प्रवेश रावल की मंडली को लंदन में शो करने का अवसर मिलता है हीरोइन ना होने की वजह से प्रवेश रावल अक्षय कुमार व गोविंदा को अपने प्ले में काम करने के लिए हीरोइन ढूंढने को कहते हैं हीरोइन किसको मिलती है यह तो आपको फिल्म में देख कर ही पता चलेगा लेकिन कुछ गलतफहमी की वजह से प्रवेश रावल, अक्षय कुमार और गोविंदा को पुलिस जैकी श्रॉफ द्वारा ड्रग्स केस के चक्कर में पकड़ लेती है ओर तीनों पुलिस की जीब से फरार हो जाते हैं यहां फिल्म इसी कहानी पर है।

इस फिल्म के कई सारे डायलॉग लोगों की जुबान पर आज भी है इस मूवी में 4 गाने हैं, भारी कास्ट वह लंदन में शूटिंग करने की वजह से मूवी में 32 करोड़ रुपए का खर्चा हुआ था, और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 67.8 करोड रुपए इंडियन बॉक्स ऑफिस से कमाए थे। ओर यह मूवी बॉक्स ऑफिस पर हिट रही।

#8. DE DANA DAN 2009

2009 में आई डे दना दन जिसे निर्देशक प्रियदर्शन द्वारा बनाया गया था इस फिल्म के मुख्य अभिनेता सुनील शेट्टी, अक्षय कुमार, प्रवेश रावल, जॉनी लीवर, कैटरीना कैफ, समीरा रेड्डी, अर्चना पूरन सिंह, शक्ति कपूर, राजपाल यादव, नेहा धूपिया, असरनी, और चंकी पांडे जैसे कई बड़े कलाकार मौजूद थे

इस फिल्म की कहानी शुरू होती है दो गरीब आदमी नितिन और राम से, जो नितिन है वहां कुलजीत कौर के यहां नोकर है जो अपने बाप द्वारा कुलजीत कौर से अपनी पढ़ाई के लिए गए लोन की भरपाई कर रहा है।

वहीं दूसरी ओर राम अपनी बहन की शादी के लिए पैसे जोड़ रहा है, दोनों की अमीर गर्लफ्रेंड है जो उनका खर्चा उठाती है उनकी दोनों की शादी होने जा रही थी, दोनों अपनी जिंदगी से ऊब चुके थे, तब नितिन और राम खुदकुशी करने की कोशिश करते हैं तभी नितिन और राम मिलते हैं और इससे बचने के लिए कुछ रास्ता खोजते हैं।

60 करोड़ में बनी इस फिल्म ने भारत से 48 करोड़ रुपए की कमाई की दुनिया भर से 82 करोड़ की कमाई की,

#7. WELCOME 2006

निर्देशक Anees Bazmee द्वारा 2006 में बनाई गई यह एक कॉमेडी फिल्म है, इस फिल्म के मुख्य अभिनेता अक्षय कुमार, नाना पाटेकर, अनिल कपूर, प्रवेश रावल, कैटरीना कैफ, मल्लिका शेरावत, फिरोज खान, संजय मिश्रा, और विजय राज जैसे कई दिग्गज अभिनेता शामिल है इस फिल्म में कैटरीना कैफ की आवाज डबिंग आर्टिस्ट द्वारा डब की गई थी।

इस फिल्म की कहानी दो अंडरवर्ल्ड डॉन उदय शेट्टी(नाना पाटेकर) और मजनू (अनिल कपूर) की है, उदय और मजनू अपनी बहन संजना (कैटरीना कैफ) की शादी एक शरीफ खानदान डॉक्टर घुंगरू (प्रवेश रावल ) के भांजे राजीव (अक्षय कुमार) से करना चाहते हैं लेकिन डॉक्टर घुंगरू अपने भांजे की शादी डॉन खानदान में नहीं चाहता था, डॉक्टर घुंगरू शादी को रोकने के लिए कई बहाने बनाते हुए नजर आते हैं।

अपनी शादी बचाने के लिए राजीव उदय भाई और मजनू भाई को शरीफ बनाने के लिए जुट जाता है,यहां फिल्म फिरोज खान की आखिरी फिल्म है तथा इस फिल्म में वह कहते हुए भी नजर आते हैं कि ‘अभी हम जिंदा है’।

इस फिल्म को देखने के बाद लोगों का कहना था कि डॉन हो तो उदय भाई और मजनू भाई जैसे, बड़ी कास्ट की वजह से इस फिल्म का बजट 40 करोड़ो रुपए था पर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस से 122 करोड़ कमाए थे, यहां मूवी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी।

#6. HUNGAMA, 2003

2003 में निर्देशक प्रियदर्शन द्वारा बनी कॉमेडी मूवी है इस मूवी की मुख्य भूमिका मैं नजर आते थे परवेश रावल, अक्षय खन्ना, आफताब खान, राजपाल यादव, शक्ति कपूर, रिमी सेन, और मनोज जोशी, जैसे कई दिग्गज कलाकार और शामिल है, रिमी सेन की मूवी में डबिंग आर्टिस्ट द्वारा आवाज ली थी।

यह कहानी एक करोड़पति की है जो कि गांव से शहर में अपनी बीवी के साथ जाने का फैसला करता है गलतफहमी की वजह से दोनों में नोकझोंक चालू हो जाती है, इसके अलावा आफताब खान और अक्षय खन्ना के बीच एक जंग छिड़ी होती है कि आखिरकार हीरोइन किसकी होगी, यह मूवी अक्षय खन्ना के कैरियर की सबसे अच्छी मूवी साबित हुई है और प्रवेश रावल और राजपाल यादव की बेस्ट एक्टिंग ने इसे अलग ही रूप दिया है मूवी में 7 गाने हे, इस मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया था।

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#5. GOLMAAL FUN UNLIMITED 2006

निर्देशक रोहित शेट्टी द्वारा बनाई गई यह फिल्म गोलमाल सीरीज की मूवी है इस मूवी के मुख्य अभिनेता अजय देवगन, अरशद वारसी, जॉनी लीवर, प्रवेश रावल, तुषार कपूर, शर्मन जोशी, रिमी सेन, संजय मिश्रा जैसे कहीं बड़े कलाकार भी शामिल है।

इस फिल्म की कहानी दो अंधे व बूढ़े पति-पत्नी की है जिनका इकलौता बेटा समीर जो कि अमेरिका में था जिसकी कार एक्सीडेंट में मौत हो चुकी थी जिसके बारे में अंधे पति को पता था और पत्नी को नहीं इसी बात का फायदा उठाकर फिल्म के मुख्य अभिनेता अजय देवगन, अरशद वारसी, शर्मन जोशी, और तुषार कपूर, गोपाल, माधव, लक्ष्मण और लक्की अंधे पति पत्नी के घर समीर बनकर जाते हैं, और गुंडों से अंधे पति पत्नी की रक्षा करते हैं, यह फिल्म अजय देवगन की सबसे अच्छी कॉमेडी फिल्मों में से एक है।

15 करोड़ में बनी इस फिल्म ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर 29 करोड़ व वर्ल्ड वाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर 46 करोड़ का बिजनेस किया।

#4. DHAMAAL 2007

2007 में आई फिल्म धमाल निर्देशक इंद्र कुमार द्वारा बनाई गई फिल्म थी यहां फिल्म धमाल सीरीज की पहली मूवी है।

इस फिल्म के मुख्य अभिनेता संजय दत्त, अरशद वारसी, रितेश देशमुख, जावेद जफरी, आशीष चौधरी, और संजय मिश्रा कहीं और बड़े कलाकार भी है इस मूवी में कोई भी महिला अभीनेता नहीं है।

यह फिल्म चार आलसी दोस्तों की है जो कि जिंदगी में मेहनत करके पैसे कमाना नहीं चाहते हैं, एक दिन उन चारों को एक आदमी मिलता है जिसकी कार का एक्सीडेंट हो जाता है, वह आदमी उन चारों को अपनी जिंदगी भर की कमाई गोवा के एक पार्क में डब्लू के नीचे 10 करोड़ का राज बताता है।

इस बात का पता स्पेक्टर कबीर को पता चल जाता है जो उन लोगों को यहां पैसे नहीं लेने देता वह खुद ही उन पैसो को रखना चाहता है वे लोग आपस में 10 करोड़ रुपए के लिए लड़ते हैं।

बिना हीरोइन की यह फिल्म ₹19‌ करोड़ में बनी थी, इस फिल्म ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर कुल 33 करोड़ की कमाई की वर्ल्ड वाइड ₹51 करोड़ रुपए की कमाई की थी।

#3. DULHE RAJA 1998

19 दशक के सबसे ज्यादा हिट देने वाले जिन्हें हम कॉमेडी राजा बाबू भी कह सकते हैं, गोविंदा की एक्टिंग का तो हर कोई दीवाना है, 1998 में आई दुल्हे राजा फिल्म जिसके निर्देशक और निर्माता हरमेश मल्होत्रा है,इस फिल्म में गोविंदा  और कादर खान के साथ जॉनी लीवर तीनों का कॉमेडी का तड़का है।

इस फिल्म की मुख्य भूमिका निभाने वाले अभिनेत्रा गोविंदा, रवीना टंडन, कादर खान, जॉनी लीवर, प्रेम चोपड़ा, असरानी और मोहनीश जैसे कई बड़े कलाकार है।

इस फिल्म में केके सिंघानिया के बहुत बड़े होटल के सामने राजा दा ढाबा होता है जो लोग होटल घूमने आते हैं वहां रहते तो होटल में है लेकिन खाना राजा दा ढाबा में खाते हैं, केके सिंघानिया उस ढाबे को हटाने की तमाम नामुमकिन कोशिश करता है तभी राजा को केके सिंघानिया की बेटी किरण सिंघानिया से प्यार हो जाता है और वह कह केके सिंघानिया को अपना ससुर मान लेता है फिल्म की कहानी इसी पर आधारित है जिसके अंदर जॉनी लीवर केके सिंघानिया का असिस्टेंट है।

फिल्म को 10 जुलाई 1998 को रिलीज किया गया था फिल्म का कुल बजट 5 करोड रुपए था और भारत में इस फिल्म ने 13 करोड रुपए कमाए थे और पूरी दुनिया भर से 23 करोड रुपए का बिजनेस किया था।

#2. ANDAZ APNA APNA 1994

निर्देशक राजकुमार संतोषी द्वारा 1994 में बनी फिल्म इस फिल्म को बहुत बड़ी कास्ट के साथ बनाया था यहां एक कॉमेडी, रोमांस, व फैमिली फिल्म है, यह आमिर खान और सलमान खान द्वारा एक साथ की जाने वाली पहली फिल्म है।

इस फिल्म के मुख्य अभिनेता सलमान खान, आमिर खान, करिश्मा कपूर, रवीना टंडन, प्रवेश रावल, शक्ति कपूर, जगदीप जैसे कहीं बड़े कलाकार भी शामिल है।

यहां फिल्म अमर ओर प्रेम की कहानी है जोकि मिडिल क्लास फैमिली से आते हैं लेकिन उनके सपने बड़े हैं उन दोनों में रवीना टंडन का दिल जीतने की होड लग जाती है जो की एक करोड़पति की इकलौती बेटी है।

इस फिल्म में शक्ति कपूर और प्रवेश रावल के रोल को आज भी याद किया जाता है शक्ति कपूर के रोल क्राईम मास्टर गोगो के लिए और प्रवेश रावल को डबल रोल मैं डॉन तेजा के रूप में आज भी लोग पसन्द करते हैं, यहां फिल्म आमिर खान और सलमान खान की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्म साबित हुई पर बीसवीं सदी में लोग इसे बहुत पसंद करते हैं, सलमान खान की सेट पर लेट आने की वजह से आमिर खान ने उनके साथ आने वाली फिल्मों में काम करने से मना कर दिया है।

3 करोड रुपए में बनी इस फिल्म का पूरे भारत से बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 6 करोड़ वह पूरी दुनिया भर से 9 करोड रुपए हैं यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी।

#1. HERA PHERI 2000

यहां फिल्म नीरज वोरा द्वारा निर्देशक प्रियदर्शन द्वारा 2000 सन् में बनाई गई एक कॉमेडी, ड्रामा फिल्म है इस फिल्म में म्यूजिक अनु मलिक ने दिया है, यहां फिल्म कॉमेडी फिल्मों में सबसे अव्वल नंबर पर है।

इस मूवी में अक्षय कुमार, का राजू कैरेक्टर, प्रवेश रावल का बाबूराव गणपत राव आप्टे, और सुनील शेट्टी का श्याम रोल आज भी लोगों के दिल में बसता है, इस फिल्म के मुख्य अभिनेता प्रवेश रावल, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, तब्बू, गुलशन ग्रोवर, मुकेश खन्ना जैसे कई बड़े दिग्गज कलाकार है।

इस मैं दो लोग बाबू भैया की खौली में रहते हैं और तीनों आपस में मिलकर बड़े आदमी बनना चाहते हैं, यह फिल्म 1998 मैं आई मलयालम फिल्म रामजी राव स्पीकिंग की Remake फिल्म है, यहा फिल्म आप जब भी देखोगे यह आपको हंसा हंसा कर लोटपोट कर देगी।

अक्षय कुमार की लगातार 18 फिल्म फ्लॉप होने के बाद उन्होंने अपना इक्का कॉमेडी फिल्म मैं आजमाया उसके बाद उन्होंने हेरा फेरी फिल्म को साइन किया इसके बाद अक्षय कुमार ने कई ऐसी बड़ी कॉमेडी फिल्में साइन की,
इस फिल्म का बजट 18 करोड रुपए था और इस फिल्म ने 69.12 करोड़ की जबरदस्त कमाई की थी मूवी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई।

तो यह थी आज तक की 10 सबसे बेस्ट कॉमेडी फिल्मे आशा करते है, यह आपको पसंद आयी होगी Post अच्छा लगा हो तो Share जरूर करे।

प्लास्टिक मनी क्या है ? Credit और Debit Card क्या है?

Plastic Money In Hindi

नमस्ते दोस्तों आज हम Trendy Hindi के माध्यम से आपको बताने जा रहे है, Plastic Money के बारे में, प्लास्टिक मनी क्या होती है, ATM card क्या है, और डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड में क्या अंतर है?

बैंक या कोई संस्थान पैसौ के Transaction के लिए इस प्रकार की सुविधा प्रदान करती है की आप बैंक के बिना भी अपने पेसो का ट्रांजेक्शन कर सके। भारत के हर छोटे बड़े शहर में आपको अलग-अलग बैंक की ATM मशीन देखने को मिलेगी जहां से आप एक लिमिट तक पेसो का ट्रांजेक्शन कर सकते है।

प्लास्टिक मनी क्या है? Plastic Money Kya Hai?

प्लास्टिक मनी का उपयोग हम ATM से पैसे निकालने के लिए करते है, ATM कार्ड को ही प्लास्टिक मनी कहा जाता है, आपने कई बार ATM Card को देखा होगा और इसे इस्तमाल भी किया होगा, परंतु ATM कार्ड में भी अंतर होता है, जो इसके उपयोग को अलग कर देता है, आप इन कार्ड की सहायता से आप कुछ भी खरीद सकते है, आप इसकी सहायता से किसी भी प्रकार के बिल का भुगतान कर सकते है। इस प्रकार का ट्रांजेक्शन आपको बैंक की धक्कामुक्की से बचाता है।

ATM Card क्या है?

ATM का पूरा नाम हे ऑटोमैटिक टेलर मशीन (Automated Teller Machine) जिसका उपयोग कैश निकलने के लिए किया जाता है।

बैंक 18 वर्ष से अधिक आयु वाले को ही ATM card प्रोवाइड करता है ओर ATM देने के साथ एक विशेष 4 अंक का आईडेंटिफिकेशन नंबर (PIN) भी देता है, जिसका उपयोग ATM मशीन से पैसे निकालने में होता है।

ATM कार्ड आपके बैंक खाते से जुड़ा हुआ होता है आप अपने सेविंग अकाउंट या करंट अकाउंट से ट्रांजेक्शन कर सकते है।

यह क्रेडिट कार्ड वाली सुविधा प्रदान नही करता है, ये आपके बैंक में रखे रियल मनी का ट्रांजैक्शन करता है। अगर आप अपने बैंक ATM card से दूसरे बैंक ATM मशीन से पेसो का ट्रांजेक्शन करते है तो उसके लिए थोड़ा चार्ज लगता है, ओर मशीन उस चार्ज को आपके खाते से काट लेती है।

Debit card क्या है?

डेबिट कार्ड का उपयोग उपभोक्ता के बैंक में रखे पेसो को निकालने में काम आता है, डेबिट कार्ड की सहयता से आप ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, ऑनलाइन शॉपिंग या सभी प्रकार के बिल पेमेंट कर सकते है। इसके उपयोग के लिए भी आपको आईडेंटिफिकेशन नंबर (PIN) की अवश्यकता होती है।

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Credit Card क्या है?

क्रैडिट कार्ड एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा प्रदान करता है। क्रैडिट कार्ड का इस्तमाल लोन के रूप में किया जाता है आप इसकी सहायता से कभी भी कम ब्याज पर लोन ले सकते है।

क्रैडिट कार्ड बैंक हर किसी कस्टमर को नहीं देती है, ये उन लोगो को दिया जाता है जिनपर बैंक का विश्वास होता है, या बैंक कस्टमर को क्रेडिट कार्ड के बदले कुछ गिरवी रखवा लेती ताकि बैंक के पैसे डूबे नही।

इसकी सहायता से आप प्लेन टिकट, रेस्टोरेंट बिल, शोपिंग बिल या किसी भी प्रकार के बिल का भुगतान कर सकते है। इससे जो पेसो का ट्रांजेक्शन होता है ये आपके नही होते है ये पैसे बैंक आपको लोन के रूप में देती है जिसे आपको समय पर बैंक को लौटना होता है।

क्रैडिट कार्ड की सहायता से आप कभी भी लोन ले सकते है परंतु बैंक आपके क्रेडिट कार्ड की एक लिमिट सेट करती है उससे ज्यादा पैसे आप नही निकाल सकते है।

अगर आप दिए गए वक्त में बैंक को पैसे नही भरते है तो बैंक आपसे Penalty वसूल करती है।

आशा करते है, Plastic Money पर आपके यह लेख पसंद आया होगा, अच्छा लगा हो तो Share जरूर करे।

अमीर लोगो के 13 नियम – 13 Secrets of Rich People

आज हम आपको TRENDY HINDI के माध्यम से बताने जा रहे है, अमीर लोगो के 13 नियम

हर अमीर व्यक्ति इन 13 नियमो को अपने जीवन में फॉलो करते है, ओर शायद यही कारण है उनके इतना अमीर और सक्सेसफुल का।
अगर आप भी अमीर व एक सक्सेसफुल लोगों की तरह बनना चाहते है, तो इन अमीर लोगो के 13 नियम को आज ही अपने जीवन में अपना ले।

अमीर लोगो के 13 नियम/Rich People Follow This 13 Rules

1. अपनी आरामदायक दिनचर्या से बाहर निकलिए

अगर आप घर में आराम से बैठे बैठे सोचते हो की आप भी काश अमीर व्यक्ति बन जाए तो ऐसा नहीं हो सकता है, आपको उसके लिए अपनी आरामदायक दिनचर्या से बाहर निकलना होगा, क्योंकि हर सफल व्यक्ति के पीछे उनकी कड़ी मेहनत छिपी होती हैं। अगर आप आज मेहनत करोगे तो उसका फल आपको जरूर मिलेगा, लेकिन अगर आप मेहनत ही नही करते है, तो आप फल की अपेक्षा रखने के हकदार नहीं है।

अगर आप आज आसान काम करना चाहते हो तो अपनी पूरी लाइफ मुश्किल रहेगी,
और अगर आप आज मुश्किल काम करते है तो आपकी पूरी लाइफ आराम से निकलेगी।

दुनिया में एक ही व्यक्ति आपको बदल सकता है,
वो है आप

2. सकारात्मक रहिए

हर अमीर व्यक्ति को अमीर बनाती हे उनकी सकारात्मक सोंच अमीर व्यक्ति हमेशा पॉजिटिव रहते है, वे कोई भी काम करते है तो उसे साकारात्मक सोच के साथ करते है वो चाहे बिजनेस हो या कोई जॉब वे अपने जीवन से नकरात्मकता को पूरी तरह निकाल देते है। एक सफल व्यक्ति के जीवन में अगर कोई मुश्किलें भी आती है, तो वो उस मुश्किल को सकारात्मक नजरिया से देखने की कोशिश करते है, ओर उसका समाधान भी निकाल लेते हैं। सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति से लोग ज्यादा प्रभावित होते है ओर उनके साथ रहेना या उनके साथ काम करना ज्यादा पसंद करते है। अगर आपको भी एक अमीर व्यक्ति बनना है, तो आपको नकारात्मकता को अपने जीवन से निकालना होगा, ओर आप आगे जो भी काम करे पूरी सकारात्मक सोच के साथ उस काम को करें।

“सकारात्मक सोच के साथ आप हर
कठिनाई से बाहर निकलने का रास्ता खोज सकते है।”

3. आत्मविश्वास

जिंदगी में सफल केवल वही इंसान होते है, जिनमे आत्मविश्वास होता है, वे अपना जो भी काम करते है अपने पूरे आत्मविश्वास के साथ करते है, अगर आप दुनिया जितना चाहते हो तो पहले आपको अपना खुद का विश्वास जीतना होगा, हमेशा आपका आत्मविश्वास तय करता है की आप सफलता के कितने हकदार है।

अगर आप चाहते हैं कि हर कोई आपको पसंद करें आपकी बात माने यह आप पर विश्वास करें तो आपको शुरुआत अपने आप से करनी होगी पहले आपको अपने आप पर विश्वास करना होगा अपने आप पर यकीन करना होगा की आप सब कुछ हासिल कर सकते हैं, उसके बाद ही दुनिया आप पर विश्वास करेंगी|

आत्मविश्वास एक मात्र ऐसा हथियार है जो Loser को Winner बना देता है, ओर एक Winner को Loser

4. कभी हार मत मानिए

अमीर व्यक्तियों की सबसे बड़ी खूबी है की वो कभी हार नहीं मानते है, प्रत्येक कदम पर हमे कई सारी चुनौतियां मिलती है, लेकिन उनसे डरकर हमे हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि उन चुनौतियों से सीखकर हमे आगे बड़ना चाहिए।

“कभी हार मत मानो हो सकता है आपको
आपकी अगली कोशिश आपको बिलियनेयर बना दे।”

5. सफल होने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दो

हर अमीर व्यक्ति सफल होने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देते है, चाहे वो काम बड़ा हो या छोटा, वे जो भी काम करते है उस काम को जब तक करते है, तब तक वो काम पूरा न हो जाए,
आप आज जो भी काम कर रहे वो अगर आपको उसमे प्रॉफिट नही मिल रहा है, तो देखो की आपसे गलती कहां हो रही है और उस गलती को सुधारने की कोशिश करो, ओर उस गलती से सीखकर आगे बड़ो।

बड़ा संघर्ष
बड़ी सफलता
का इतिहास रचता है।

6. हमेशा दूसरों से सीखो

अमीर व्यक्ति दूसरो से सीखकर और आगे बढ़ते है, वो जहां भी जाते है वहां लोगो को अपजर्व करते है ताकि वे उनसे कुछ नया सिख सकें, वहीं गरीब व्यक्ति मानते है की उन्हे सब कुछ पता है, अगर उन्हें कोई अच्छी सलाह देता है तो वो उन्ही का मजाक उड़ाते है और यही कारण है की गरीब व्यक्ति कभी अमीर नही बन पाता

अगर आज आप दुनिया के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति है, फिर भी अगर आपको दूसरो से कुछ सीखने को मिलता है, तो उसमे कभी शर्म नही करनी चाहिए, आप जितना सीखोगे उतना आगे बड़ोगे।

7. सोच बदलो, दुनिया बदलो

मिडिल क्लास फैमिली और मिलियनर फैमिली में अंतर सिर्फ ये होता है, की मिलियनर फैमिली अपने पैसे सेव करती है ताकि वे उन पैसों से अपनी जरूरत पूरी कर सकें या उन पैसों को किसी बिजनेस में इन्वेस्ट कर सकें, वन्ही एक मिडिल क्लास फैमिली अपने पैसों को सेव करती है ताकि वे पैसे उनके बुरे वक्त में काम आ सके। यही सोच इंसान को आगे नहीं बड़ने देती, अगर आज आप ये सोचकर पैसे बचा रहे हो की वो पैसे आपके बुरे वक्त में काम आयेंगे तो आप अपने बुरे वक्त को न्योता दे रहे हो, ओर इसी सोच के कारण एक दिन आपका बुरा वक्त जरूर आएगा, वन्हीं आप अगर पॉजिटिव रहते हो ओर मिलियनर फैमिली की तरह सोचते हो तो आपके बुरे वक्त का चांस न के बराबर हो जाता है। यही फर्क होता है, सोच में ओर इसी सोच को हमे अपनाना है।

“इंसान की सोच होगी बड़ी,
तभी कुछ बड़ा कर पाएगा,
छोटी सोच रखने वाला इंसान तो,
बड़ा करने की सोचकर ही डर जायेगा”

8. नकरात्मक लोगो का साथ छोड़ दो

अमीर लोग हमेशा पॉजिटिव ओर सक्सेसफुल लोगों के साथ रहना पसंद करते है, ओर उनके साथ रहकर सीखते है की उन्हे और अमीर कैसे बनना है?
वही गरीब व्यक्ति उन लोगों के साथ रहना पसंद करते है जो नेगेटिव, अनसक्सेसफुल, ओर लूजर होते है, ओर उनके साथ रहकर अपना टाइम और अपनी लाइफ दोनो खराब कर लेते हैं, अगर आप एक बेहतर जीवन जीना चाहते है तो आप अभी अच्छी संगत के साथ रहना शुरू कर दो।

9. दूर की सोचो या आगे की सोचो

अमीर व्यक्ति हमेशा दूर की सोचते है, अगर वे आज किसी प्रॉपर्टी, स्टॉक मार्केट, या किसी भी कंपनी के उपर यदि वे पैसे इन्वेस्ट करते है, तो उसका प्रॉफिट उन्हे कुछ समय बाद मिलता है, उस प्रॉफिट के लिए वो कई सालो तक का इंतजार करते है, वही एक मिडिल क्लास फेमिली वाला व्यक्ति अगर मजदूरी करता है तो उसे उसी दिन उसकी मजदूरी के पैसे मिल जाते है, ओर या कोई व्यक्ति जॉब करता है तो महीने के आखिरी दिन उसे उसकी सैलेरी मिल जाती है, ओर वो लोग इन्ही में खुश रहते हैं, अगर आपको भी एक अमीर व्यक्ति बनना है तो आप को भी अपने पैसे इन्वेस्ट करने होंगे।

10. सफल व्यक्ती को अपना इंस्प्रेसन बनाओ

अमीर लोग हमेशा दूसरे अमीर व्यक्तियों को अपना इंस्प्रेसन मानते है, ओर उनसे और सीखकर आगे बढ़ते है, वही दूसरी ओर गरीब व्यक्ति अमीर लोगो के प्रति ये सोच रखते है की हर अमीर व्यक्ति बुरा काम करकर अमीर बना है, अमीर व्यक्तियो में पैसे की गर्मी होते है, गरीब व्यक्ति अमीर से सीखते तो नही है बल्कि केवल उनसे जलते है, अगर आपको भी एक अमीर व्यक्ति बनना है तो आपको भी अपना एक इंस्प्रेसन बनाना होगा जिनकी तरह आपको बनना है।

11. कभी कोई फैसला लेने में डरो मत।

आज जो भी व्यक्ति अमीर बना है, उसने किसी न किसी समय एक ऐसा फैसला जरूर लिया होगा जिसके कारण आज वो सफल है, आपकी सफलता और असफलता के बीच आपका केवल एक फेसला होता है, इसलिए आपको कभी लगता है की आपको कोई फैसला लेना चाहिए तो आप फैसला लेना का रिक्स ले सकते है, क्योंकि रिस्क से ही आदमी अमीर बनता है।

12. खुद आत्मनिर्भर बनो

अमीर व्यक्ति अपना काम खुद करते है, वे सारे काम खुद करना पसंद करते है, वे कभी भी दूसरो पर निर्भर नहीं रहते है, वही गरीब व्यक्ति अपने काम को दूसरो पर थोप देता है, ओर हमेशा दूसरो पर निर्भर रहते है, इस दुनिया में किसी पर भी अधिक निर्भर नहीं रहना चाहिए,

“किसी के पैरो में गिरकर कामयाबी पाने से अच्छा है
अपने पैरो पर चलकर कामयाबी हासिल करने की ठान लो।”

13. मुश्किलों को बड़ा मत मानो

अमीर व्यक्ति हर बड़ी से बड़ी मुश्किलों से निकलना अच्छी तरह जानते है, वे डटकर मुश्किलों का सामना करते है, ओर सारी मुश्किलों को हरा देते है, वही गरीब व्यक्ति छोटी से छोटी मुश्किलों से डरकर मैदान छोड़ देते है, अगर एक अमीर व्यक्ति बनना है तो हर समस्या का सामना डटकर करो और समस्या को हल करो।

“जीवन में समस्या तो, हर दिन नई खड़ी होती है,
लेकिन जितते केवल वही है, जिनकी सोच बड़ी होती है।

अगर आप भी इन 13 नियमो को फॉलो करते हैं तो आप भी एक अमीर व्यक्ति बन सकते है। उम्मीद है आपको ये ब्लॉग पसंद आया होगा, अमीर लोगो के 13 नियम ब्लॉग को अपने दोस्तो के साथ शेयर जरूर करें, ओर हमे comment में बताए आपको ये ब्लॉग कैसा लगा।
धन्यवाद

Sourav Joshi Biography In Hindi। सौरव जोशी बायोग्राफी

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आज हम आपको Trendy Hindi के माध्यम से बताने जा रहे है, भारत के सबसे बड़े Vlogger सौरव जोशी की बायोग्राफी के बारे में, कैसे एक मिडिल क्लास फेमिली का लड़का किस तरह बना देश का सबसे बड़ा Vlogger, तो चलिए देखते है की कैसे बने सौरव जोशी भारत के सबसे बड़े व्लॉगर।

Sourav Joshi Biography In Hindi। सौरव जोशी का जीवन परिचय

सौरव जोशी एक भारतीय यूट्यूबर व्लॉगर है, इनका व्लोग चैनल भारत का सबसे ज्यादा grow होने वाला चैनल है, इनके चैनल ने महज दो साल के अंदर 6 मिलियन सब्स्क्राइबर आंकड़ा पार कर लिया है, और इसी के साथ आज Sorav Joshi Vloges भारत का सबसे बड़ा व्लाेग चैनल बन गया है, सौरव ने बड़े बड़े व्लॉगर जो 4 से 5 साल पहले से व्लोगिंगिन कर रहे थे, उन्हे पीछे छोड़ दिया है जैसे मुंबईकर निखिल, गौरव तनेजा, जट्ट प्रबजोत आदि।

Sourav Joshi Personal Life-

सौरव जोशी का जन्म 8 सितंबर 1999 को दहेरादून, उतराखंड में हुआ था। ये एक यूट्यूबर, व्लॉगर है, इसके अलावा इन्हे Drowing का बहुत शौक है, अभी सौरव अपने परिवार के साथ हरियाणा के हांसी शहर में रहते है, इन्होंने अपनी स्कूल की पढ़ाई लोकल हाई स्कूल दहेरादून से की है। सौरव एक मिडिल क्लास फेमिली से ब्लॉन्ग करते है, क्योंकि इन्हे बचपन से ही ड्राइंग का बहुत शोक था इसलिए इन्होंने Drowing सीखने के लिए एक कोर्स किया था जिसका नाम बैचलर्स ऑफ फाइन आर्ट्स था।

Sourav Joshi Family-

सौरव जोशी अपने परिवार के साथ हांसी हरियाणा में रहते है, इनके माता का नाम हिमा जोशी है, ओर इनके भाई का नाम साहिल जोशी है, पीयूष जोशी सौरव के अंकल का लड़का है, इसके अलावा सौरव के घर में एक कुत्ता रहता है जिसका नाम ओरियो है, सौरव का पूरा परिवार उनके गांव में रहता है।

सौरव जोशी व्लॉग्स का असली नाम – सौरव जोशी
पेशा (Profession) – YouTubers, vloger
जन्म (Birthday date) – 8 सितंबर 1999
उम्र (age) – 21
लिंग (Gender) – पुरुष (Male)
जन्मस्थल (Birthplace) – दहेरादून, उतराखंड
राष्ट्रीयता (Nationality) – भारत (India)

पिता (Father) – NA
माता (Mother) – हिमा जोशी
भाई (Brother) – साहिल जोशी
बहन (Sister) – NA

स्कूल (School) – लोकल हाई स्कूल
कॉलेज (College) – –
कोर्स (Education) – BFA बैचलर्स ऑफ फाइन आर्ट्स

Sourav Joshi Youtube-

सौरव ने अपने यूट्यूब चैनल की शुरूवात उनके भाई साहिल जोशी के कहने पर 19 फरवरी 2019 की थी इन्होंने अपना पहला वीडियो How I Drow Ms Dhoni. के नाम से अपलोड किया था, जिसमे वे इंडियन क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की ड्राइंग करते हुए नजर आते है, सौरव ने इस चैनल की शुरूवात अपनी ड्राइंग स्किल्स को लोगो को दिखाने के लिए की थी, क्योंकि उनके इन वीडियोस पर कोई खास रिस्पॉन्स नही मिल रहा था इस लिए सौरव ने डेली व्लाग वीडियो अपलोड करना शुरू किया। आज सौरव जिस मुकाम पर है वो हर एक यूट्यूबर का सपना है।

सौरव जोशी का फेमस होने एक और भी कारण है वो है उनका भाई पीयूष जोशी जो आपको सौरव के हर व्लॉग में देखने को मिलेगा, पीयूष सौरव का अंकल का लड़का है, ओर वो सौरव के साथ ही रहेता है।

Sourav Joshi Car And Bike Collection-

सौरव जोशी के पास एक टोयटा इनोवा क्रिस्टा है इसकी कीमत 23 लाख रुपए है, सौरव ने अभी हाल ही में एक Tata Nexon खरीदी है इनके पास दो बाइक हे एक Hero HF Deluxe और एक KTM Duke 200 जिसकी कीमत लगभग 2 लाख रूपए है।

Sourav Joshi Net Worth-

सौरव जोशी के हर वीडियो पर मिलियन व्यूज आते है, जिससे इनको काफी अच्छी अर्निंग हो जाती है, सौरव जोशी की Monthly Income 10 से 12 लाख रुपए बताई जा रही है। सौरव की Net Worth 2 मिलियन डॉलर के करीब है।

Sourav Joshi Social Media

सौरव जोशी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते है।

Youtube-

सौरव जोशी के यूट्यूब पर 2 चैनल है।

Sourav Joshi Vlogs- इनके इस चैनल पर ये डेली व्लॉग अपलोड करते है, इनके इस चैनल पर 6.7 मिलियन सब्स्क्राइबर मोजूद है ओर इस चैनल पर अभी तक 1.7 बिलियन व्यूज आ चुके है। इन्होंने इस चैनल की शुरूवात 19 फरवरी 2019 को की थी।

Sourav Joshi Arts- इस चैनल पर सौरव अपने ड्राइंग वीडियोस अपलोड करते है, इनके इस चैनल पर 1.9 मिलियन सब्सक्राइबर मौजूद है, इन्होंने इनके इस चैनल की शुरूवात 5 सितंबर 2015 को की थी।

यह जरूर पढ़े –

Instagram-

सौरव जोशी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 825k followers मोजूद है, ओर इनके सौरव जोशी आर्ट्स अकाउंट पर 295k मौजूद है।

Sourav Joshi Facebook

सौरव को फेसबुक पर 21 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते है।

सौरव जोशी के बारे में पूछे जाने वाले प्रशन (FAQ)

Q. सौरव जोशी का असली नाम क्या है?
Ans. सौरव जोशी का असली नाम सौरव जोशी ही है।

Q. सौरव जोशी के सगे भाई का क्या नाम है?
Ans. सौरव जोशी के सगे भाई का नाम साहिल जोशी है।

Q. पीयूष जोशी सौरव जोशी को क्या लगता है?
Ans. पियूष जोशी सौरव जोशी के अंकल का लड़का है।

Q. सौरव जोशी के यूटयूब पर कितने सब्सक्राइबर है?
Ans. सौरव जोशी के यूट्यूब पर 6.4 मिलियन सब्स्क्राइबर मोजूद है।

Q. सौरव जोशी के इंस्टाग्राम पर कितने फॉलवर्स है?
Ans. सौरव जोशी के इंस्टाग्राम पर 825k फॉलोवर्स मौजूद है।

Q. सौरव जोशी का जन्म कहां हुआ था?
Ans. सौरव जोशी का जन्म दहेरादून, उतराखंड में हुआ था.

Q. सौरव जोशी की जन्म किस दिन हुआ था?
Ans. सौरव जोशी का जन्म 8 सितंबर 1999 को हुआ था।

Q. सौरव जोशी की उम्र कितनी है?
Ans. सौरव जोशी की उम्र 21 साल है।

Q. सौरव जोशी के पास कौन सी कार है?
Ans. सौरव जोशी के पास टोयोटा की इनोवा क्रिस्टा और एक टाटा नेक्सॉन कार हैं?

Q. सौरव जोशी के पास कौन सी बाइक है?
Ans. सौरव जोशी के पास HF Deluxe और KTM Duke 200 बाइक है।

उम्मीद है आपको सौरव जोशी की बायोग्राफी पसंद आई होगी। आपको सौरव जोशी को बायोग्राफी कैसी लगी कॉमेंट में जरूर बताएं।
धन्यवाद।

वैक्सीन की जागरूकता पर निबंध-Corona Vaccine Jagrukta Nibandh

Vaccine Jagrukta Par Nibandh – वैक्सीन की जागरूकता पर निबंध

प्रस्तावना

दुनिया भर में कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए टीकाकरण का अभियान शुरू किया है, जिसमे ब्रिटेन एक मात्र ऐसा देश बना जिसने टीकाकरण की शुरूवात की है, रूस ने अपने देश में ही कोरोना वैक्सीन का निर्माण किया है जिसका नाम उन्होंने स्पूतनिक-5 रखा गया है । इसके साथ ही भारत में भी इस वायरस पर रोक लगाने के लिए दो प्रकार के टीके लगाए जा रहे है, जिसमे एक से एक कोविशील्ड एवं दूसरी कोवैक्सीन है। WHO के अनुसार कोरोना वायरस से छुटकारा पाने का वेक्सिन ही एक मात्र हथियार है।

कोरोना वैक्सीन क्या है ?

कोरोना वैक्सीन शरीर में पहुंचकर शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बड़ा देता है। यह शरीर में उपस्थित हानिकारक वायरस की पहचान करता है तथा वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए शरीर में एंटीबॉडी का निर्माण करता है। दुनिया के अधिकतर देशों ने कोरोनावायरस के प्रकोप से बचने के लिए वैक्सीन निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। फाइज़र द्वारा निर्मित कोविड वैक्सीन महामारी के समक्ष अब तक 95% कारगर साबित हुई है।
कोविड -19 कोरोना वैक्सीन अभियान

भारत में वैक्सीन के अभियान का तीसरा चरण शुरू हो चुका है। इसके पहले चरण की शुरुआत 16 जनवरी 2021 को की गई थी। जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्यकर्ताओं का टीकाकरण करने की प्राथमिकता दी गई । इसके पश्चात 1 मार्च 2021 से इस अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की गई। जिसमें 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को वैक्सीन लगाने का कार्य आरंभ किया गया।

वर्तमान में कोरोना वैक्सीन के अभियान का तीसरा चरण 1 मई से शुरू हुआ है । जिसमें 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को वैक्सीन लगाई जा रही है। भारत में 2 कोविड वैक्सीन का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। पहली कोवैक्सीन तथा दूसरी कोविशील्ड है। इस अभियान के दौरान एक ही वैक्सीन की दो डोज लगाई जा रही है। दोनों डोजों के बीच में 5 से 6 हफ्तों का समय निर्धारित किया गया है।

सरकार ने वेक्सिन को हर शहर के हॉस्पिटल, स्कूल, या अन्य सरकारी दफ्तरों में लगवाने की अनुमति दी है, आप किसी भी सरकारी दफ्तरों में जाकर वेक्सिन लगवा सकते है, ओर गांवों में आप पंचायत या आगनवाड़ी में जाकर वेक्सिन लगवा सकते है। कोरोना वैक्सीन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है। इसमें रजिस्ट्रेशन कराने वाले लाभार्थी को उसके रजिस्टर मो.नंबर पर एस एम एस के माध्यम से टीकाकरण कराने की निर्धारित तिथि, स्थान व समय के विषय में उचित जानकारी प्रदान की जाएगी।

कोरोना वैक्सीन के प्रति देश में जागरूकता।

अमेरिका के सीडीसी के मुताबिक वैक्सीन बहुत शक्तिशाली होती है। यह बीमारी का इलाज नहीं करती बल्कि उनके प्रभाव को बढ़ने से रोकती है। इसी कारण कोरोनावायरस की इस भयंकर स्थिति में कोरोना वैक्सीन लगवाना अनिवार्य हो गया है। देश में वैक्सीन के प्रति जागरूकता को लेकर सकारात्मक के साथ नकारात्मक विचारों को भी स्थान मिल रहा है वैक्सीन लगवाने के बाद उनमें वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स देखे जा रहे हैं।

जिनमें बुखार और गले की खराश सामान्य लक्षण है। परंतु वैक्सीन के दुष्प्रभाव को रोकने में सहायता हेतु विभिन्न प्रकार के हेल्पलाइन नंबर जनता में जारी कर दिए गए हैं । कोरोनावायरस की वैक्सीन को सरकार द्वारा अभी क़ानूनी रूप में लगवाना अनिवार्य नहीं किया गया है । यह जनता की इच्छा पर आधारित है। परंतु कोरोनावायरस की महामारी से स्वयं को व अपने परिवारजनों को सुरक्षित करने के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाना आवश्यक है । कोविड -19 के लिए टीकाकरण भारत में स्वैच्छिक है यह लोगों को इस बीमारी से बचाने का एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

कोरोना वायरस वेक्सिन के साइड इफेक्ट्स से कैसे बचे?

कोरोना वायरस की वेक्सिन लगवाने के बाद कई लोगो को तेज बुखार, गले में खराश जैसी समस्या आती है। आप जब वेक्सिन लगवाने जाए तो अपने डॉक्टर की सलाह लेकर जाए, या आप जहां से वेक्सिन लगवा रहे है, आप उनसे भी इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है,

आप कभी भी कॉविड 19 वेक्सिन को कभी भी खाली पेट न लगवाएं, वेक्सिन लगवाने के तुरंत बाद धूप में न निकले, वेक्सिन लगवाने के बाद ज्यूस जरूर पिए, वेक्सिन लगवाने के बाद 2 से 3 दिन तक जितना हो सके घर पर आराम करें।

आपके लिए –

उपसंहार – वैक्सीन की जागरूकता पर निबंध

कोरोनों जैसी महामारी को अगर हमे हराना है तो हमे साथ मिलकर इसे हराना होगा, इसके लिए सबसे आवश्यक है वेक्सिन की जागरूकता फैलाना लोगो को इसके बारे में जानकारी देना, हमे हमे हमारे देश व हमारे लोगो को अगर बचाना है तो वेक्सिन ही एक मात्र विकल्प है।

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