राष्ट्रीय एकता पर निबंध, एकता का महत्व – Essay on National Integration {2022} In Hindi

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हमारा देश एक राष्ट्रीय देश है, जहां सभी धर्म, जाती, ओर साम्प्रदाय के लोग साथ मिलकर रहते है। आज हम आपको राष्ट्रीय एकता पर हर छोटे व बड़े निबंध, राष्ट्रीय एकता पर लोकोक्तियां ओर राष्ट्रीय एकता पर 10 लाइन, लेकर आए है।

राष्ट्रीय एकता पर निबंध Essay on National IntegrationShort and long essay on national integration)

Essay on National Integration In Hindi

निबंध 1. (शब्दसीमा 150)

एकता शब्द का अर्थ है, ‘एक होना’ अर्थात एक साथ मिल-जुलकर रहना। एक होने के भाव को ‘एकता’ कहते हैं। हमारा देश एक विशाल देश है, जिसमे अनेक धर्म के लोग, अलग जाती, वर्ग, मान्यताओं ओर भिन्न भिन्न विचारधाराओं के लोग एकजुट होकर रहते है,
                           
यहां हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, बौद्ध, ओर पारसी सभी धर्म के लोग एकजुट होकर रहते है, यहां लोग पंजाबी, गुजराती, मद्रासी, बंगाली, राजस्थानी, मारवाड़ी, कश्मीरी, बाद में है, पहले भारतवासी है, भारत की राष्ट्रीयता को कभी भी कोई तोड़ नहीं सकता है, बल्कि देश की एकता एक माला की तरह सभी राज्यों को एक साथ जोड़ती है।

“दुश्मन भी हमारा कुछ ना बिगाड़ पाएंगे,
राष्ट्रीय एकता को जब हम अपना आधार बनाएंगे।”

निबंध 2. (शब्दसीमा 300 )

एक होने के भाव को ‘एकता’ कहते हैं, जिस प्रकार किसी काम को करते समय हाथ की पांचों उंगलियों का एक होना, तिनकों को मिलाकर रस्सी का निर्माण, ईंटों के संयोग से दीवार का निर्माण, कुछ व्यक्तियों के मेल से परिवार का निर्माण एवं छोटे-छोटे राज्यों के संयोग से शक्तिशाली राष्ट्र का निर्माण इत्यादि एकता के कुछ उदाहरण है। यदि व्यक्ति अलग-अलग होकर विचार एवं कार्य करें तो उसकी प्रगति होना संभव नहीं है, अर्थात् व्यक्ति को तन, मन और कर्म से एक होकर कार्य करना चाहिए।

राष्ट्रीय एकता का अर्थ :-

एकता का साधारण अर्थ होता है, मिल-जुल कर कार्य करना। राष्ट्रीय एकता का मतलब ही होता है, राष्ट्र के सब घटकों में भिन्न भिन्न विचारों और विभिन्न आस्थाओं के होते हुए भी आपसी प्रेम, एकता और भाईचारे का बना रहना। राष्ट्रीय एकता में केवल शारीरिक समीपता ही महत्वपूर्ण नहीं होती बल्कि उसमें मानसिक, बौद्धिक, वैचारिक और भावात्मक निकटता की समानता आवश्यक है।

राष्ट्रीय एकता का महत्व :-

भारत देश को गुलामी, साम्प्रदायिक झगड़ों, दंगों से बचाने के लिए देश में राष्ट्र एकता होना अतिआवश्यक है। राष्ट्रीय एकता देश के लिए कितनी आवश्यक है यह हमें अंग्रेजों की 200 साल से भी अधिक की गुलामी से समझ आ जाना चाहिए। एकता में शक्ति है। अतः हमें राष्ट्रीय एकता के महत्व को अवश्य समझना चाहिए।

निष्कर्ष :-

भारत एक ऐसा देश है जहाँ विभिन्न धर्म, क्षेत्र, संस्कृति, परंपरा, नस्ल, जाति, रंग के लोग एक साथ रहते हैं। विविधता में एकता हमारी राष्ट्रीय पहचान है, जिसको बनाये रखना हमारा परम् कर्तव्य है। अतः हर भारतवासी को चाहिए कि राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने में अपना योगदान अवश्य दे।

राष्ट्रीय एकता पर 5 लाइन –

1. राष्ट्रीय एकता दिवस को प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।

2. राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य उद्देश्य भारतीयों के बीच एकजुट होने का सन्देश फैलाना है।

3. हमारे देश में हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, बौद्ध एवं पारसी सभी धर्म के लोग साथ मिलकर रहते है।

4. देश के राष्ट्रीय पर्व मुख्य रूप से राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए सहायक होते है।

5. 31 अक्टूबर, राष्ट्रीय एकता दिवस व सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के जन्मदिन अवसर पर इस दिन प्रतिवर्ष ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन की प्रतियोगिता करवाई जाती है।

“राष्ट्रीय एकता का हमें समझना होगा अर्थ,
           तभी भारत देश बनेगा समर्थ”।

निबंध 3. (शब्दसीमा 500)

प्रस्तावना:

किसी भी देश की अखंडता उस देश की राष्ट्रीय एकता में ही निहित होती है। राष्ट्रीय एकता एक ऐसी ताकत है, जो समाज को एक दूसरे से जोड़े रखती है, ओर उन्हें ताकतवर बनाती है। राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार वल्लभ भाई पटेल के राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद रखने के लिए मनाया जाता है। सरदार पटेल ने हमेशा से देश को एकजुट करने का प्रयास किया था।

राष्ट्रीय एकता दिवस कब मनाया जाता है:-

सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिन के उपलक्ष में प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसकी शुरुवात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 31 अक्टूबर 2014 की गई थी, इसी के साथ ही इस दिन नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन की भी शुरुवात की थी।

राष्ट्रीय एकता दिवस क्यों मनाया जाता है:-

राष्ट्रीय एकता दिवस पर लोगों को एकता का पाठ सिखाया जाता है। भारत के लौह पुरुष कहे जाने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल को एकता का मसीहा भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने हमेशा देश को एकजुट करने का प्रयास किया था, इसलिए इस दिन सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करते हुए उन्हें हम श्रद्धांजलि देते हैं और इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाते हैं।

राष्ट्रीय एकता में सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका:-

जब भारत देश आजाद हुआ था तब उस समय भारत कई छोटे – छोटे रियासतों में बटा हुआ था, जिन को एक साथ लाने का श्रेय सरदार वल्लभ भाई पटेल को जाता है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आजादी के ठीक पूर्व कई राज्यों को भारत में मिलाने के लिए कार्य शुरू कर दिया था। सरदार वल्लभ भाई पटेल को भारत के राजनीतिक एकीकरण के पिता के रूप में भी जाना जाता है।

सरदार वल्लभ भाई पटेल जी ने भारत के विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच घनिष्ठ एवं मजबूत संबंध बनाएं। आजादी के बाद उन्होंने गृह मंत्री के रूप में सेवा दी जिसमें उनकी पहली प्राथमिकता थी सभी राज्यों को भारत में मिलाना था। सन् 1991 में मरने के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल जी को भारत रत्न से नवाजा गया था। विश्व की सबसे ऊंची इमारत स्टेचू ऑफ यूनिटी का निर्माण भी इस महान लौह पुरुष के सम्मान में किया गया है।

वर्तमान में राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता :-

कोई भी देश तब तक सुरक्षित रहता है, जब तक की उस देश की जनता और शासन में आपसी एकता और अखंडता निहित होती है। हमारे देश की इसी आपसी एकता की कमी का फायदा उठाते हुए अंग्रेजो ने हमारे देश में 200 से अधिक वर्षों तक राज किया था। अब भारत आजाद है लेकिन हम सभी को अपने देश के अंदर उन आसामाजिक तत्वों से खुद को बचा के रखना है जो हमे आपस में बांटने की कोशिश करते हैं। तभी हमारा भारत एक अखंड भारत बन सकेगा । सभी भारतीयों को अपने धर्म जाति से उठकर सोचने की आवश्यकता है और एक सच्चे भारतीय की तरह कंधे से कंधा मिलाकर देश की अखंडता में अपनी अपनी भूमिका निभाना है।

निष्कर्ष:-

भारत एक महान, स्वतंत्र एवं प्रगतिशील राष्ट्र है। राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है, कि हम अपनी क्षुद्र मानसिकता से स्वयं को दूर रखें। राष्ट्रीय एकता दिवस को मनाने से देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्रीय एकता का संदेश पहुंचता है क्योंकि अगर देश की युवा पीढ़ी एकता को समझेंगी तभी राष्ट्र एकीकृत होगा।

राष्ट्रीय एकता पर 10 लाइन

1. राष्ट्रीय एकता दिवस हमारे देश में प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को मनाया जाता है।

2. राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के जन्मदिन के उपलक्ष में मनाया जाता है।

3. राष्ट्रीय एकता का मुख्य अभिप्राय राष्ट्र को एक जुट होकर रहना है।

4. हमारा देश राष्ट्रीय एकता का सबसे बड़ा उदाहरण जहां सभी धर्म, जाती ओर प्रांत के लोग एक साथ मिलजुल कर रहते है।

5. राष्ट्रीय एकता एक देश के नागरिकों में भाईचारे, सद्भावना और एकता का मुख्य उद्देश्य है।

6. किसी भी देश के निर्माण के लिए राष्ट्रीय एकता अतिआवश्यक है।

7. राष्ट्रवाद की भावना लोगो को राष्ट्रीय एकता के लिए प्रेरित करती है।

8. एकता वह भावना है जो लोगों को धर्म, जाती, ऊंच-नीच की भावना से मुक्त करती है।

9. अपने देश की संस्कृति, समाज और देश की प्रगति के लिए राष्ट्रीय एकता आवश्यक है।

10. एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए राष्ट्रीय एकता आवश्यक है।

“राष्ट्रीय एकता ही है देश की तरक्की का आधार,
       इसके बिना सब है बेकार।”

राष्ट्रीय एकता के महत्व से संबंधित प्रचलित लोकोक्तियां :-

संघे शक्ति

दस की लाठी एक का बौझ

कलौयुगे

अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता,

अन्य पढ़े-

FAQs

Q. भारत में राष्ट्रीय एकता दिवस किस दिन मनाया जाता है?

Ans. 31 अक्टूबर

Q. भारत के राजनीतिक एकीकरण के पिता के रूप में कौन जाना जाता है?

Ans. सरदार वल्लभभाई पटेल।

Q. सरदार वल्लभभाई पटेल को किस की उपाधि दी गई है?

Ans. लोह पुरुष की।

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