स्वच्छता का महत्व पर निबंध

स्वच्छता पर छोटे और बड़े निबंध – Essay On Cleanliness

स्वच्छता पर निबंध (शब्द 500)

स्वच्छता का महत्व पर निबंध

प्रस्तावना:

साफ सफाई हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह हमारे जीवन की प्राथमिकता भी है। स्वच्छता जरूरी है क्योंकि साफ – सफाई से हम जीवन में आने वाली कई परेशानियों से मुक्ति पा सकते हैं। स्वच्छता का अर्थ है सफाई से रहने की आदत। सफाई से रहने से जहां शरीर स्वस्थ रहता है, वहीं स्वच्छ तन और मन दोनों खुशी के लिए आवश्यक है, स्वच्छता को सभी लोगों को अपनी दिनचर्या में अवश्य ही शामिल करना चाहिए।

स्वच्छता का महत्व:

अभी कोरोना काल में रोगियों की बढ़ती जनसंख्या एवं अस्पतालों में साफ-सफाई को ध्यान देने की आवश्यकता से यह बात और भी स्पष्ट हो गई है कि जीवन में स्वच्छता की कितनी जरूरत है। जीवन में स्वच्छता से तात्पर्य स्वस्थ होने से है। स्वच्छता एक अच्छी आदत है जो हमारे जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाती है। यह हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। हमारे लिए शरीर की भी स्वच्छता जरूरी है, जैसे रोज नहाना, स्वच्छ कपड़े पहनना, दांतों की सफाई करना, नाखून काटना, आदि। इसके लिए प्रतिदिन हमें सुबह जैसे ही हम सोकर उठते हैं, अपने दांतों को साफ करना चाहिए। साथ ही स्नान आदि और दैनिक क्रियाओं को समय पर पूर्ण करना चाहिए।

स्वच्छ भारत अभियान:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वच्छ भारत अभियान 2 अक्टूबर 2014 को गांधीजी की 145 वीं जयंती पर चलाया गया एक अभियान है। यह अभियान दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थान राजघाट से शुरू किया गया था। यह एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है जो भारत सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के अंदर कई योजनाएं शामिल की गई है, जिसमें ग्रामीण इलाको में शौचालय निर्माण प्रमुख हैं, जिससे लोग आस – पास की स्वच्छता का महत्व समझेंगे और वातावरण को स्वच्छ रखेंगे।

अस्वच्छता से हानियां:

जब लोग ऐसे स्थानों पर रहते हैं जहाँ पर चारों तरफ कूड़ा – कचरा फैला होता है और नालियों में गंदा पानी और सड़ती हुई वस्तुएं पड़ी रहती हैं जिसकी वजह से उस क्षेत्र में बदबू उत्पन्न हो जाती है, ऐसे स्थानों से गुजरना भी बहुत मुश्किल हो जाता है ऐसे स्थानों पर लोग अनेक प्रकार की संक्रामक बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। वहां की गंदगी से जल, थल, वायु आदि पर भी बहुत ही विपरीत प्रभाव पड़ता है।

उपसंहार:

देश में स्वच्छता रखना केवल सरकार का ही नहीं अपितु सभी का कर्तव्य होता है। देशवासियों को मिलकर स्वच्छता के प्रति अपने कर्तव्य को निभाना चाहिए। समाज के सभी सदस्यों को आस-पास की सफाई में अपना योगदान देना चाहिए। नदियों, तालाबों झीलों और झरनों के पानी में गंदगी को जाने से रोकने के लिए सभी को अपना योगदान देना चाहिए। सरकार को भी वायु में मिलने वाले तत्वों की प्रक्रिया पर रोक लगानी चाहिए। हमें अधिक-से-अधिक पेड़ लगाकर वायु को शुद्ध करना चाहिए। मनुष्य में स्वच्छता का विचार उत्पन्न करने के लिए शिक्षा का प्रचार करना चाहिए। शिक्षा पाने से ही मनुष्य खुद स्वच्छता की ओर प्रवृत हो जाता है। स्वच्छता उत्तम स्वास्थ्य का मूल होता है।

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